IAF Strike से भारत ने विश्‍व को दिया आतंकवाद के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई का संदेश

0
27
file photo

नई दिल्‍ली। सीमा पार बालाकोट में आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्‍मद के बड़े प्रशिक्षण शिविर पर आज सुबह साढ़े तीन बजे वायुसेना की मदद से कार्रवाई कर भारत ने आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का सशक्‍त नमूना दिखाया है। भारत ने इस कार्रवाई के साथ विश्‍व में साफ संदेश दे दिया है कि कोई भी सभ्‍य राष्‍ट्र आतंकवाद को पनाह नहीं दे सकता और जहां भी आतंकी हरकत होगी वहां पर कठोर कार्रवाई होगी। भारत विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इतने बड़े लोकतांत्रिक देश होने के बाद भी हम पाकिस्‍तान की तरफ से होने वाले आतंकी हमलों को लगातार झेलते रहे हैं, हरेक चीज की भी एक हद होती है, जब सब्र की सीमा लांघ गई, तब ये कार्रवाई आज सुबह भारत ने की।

गुलाम कश्‍मीर हमारा वह इलाका है जिसे पाकिस्‍तान अनाधिकृत रूप से घेर कर बैठा है। वहां पर नार्दन एरिया में पाकिस्‍तान स्थित आतंकी प्रशिक्षण शिविर को आज जहां पर भारतीय वायुसेना ने ध्‍वस्‍त किया है, वहां पर बहुत से मिश्रित आतंकी प्रशिक्षण शिविर भी थे। जिनमें प्रमुख रूप से जैश-ए-मोहम्‍मद, लश्‍कर-ए-तोइबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी प्रशिक्षण शिविर थे। इंटेलिजेंस से प्राप्‍त जमीनी सूचना के आधार पर वायुसेना ने सफल हमला किया। इस सफल हमले में सैकड़ों आतंकी ढेर हो गए हैं। इसमें मसूद अजहर के रिश्‍तेदार मौलाना गौरी के हलाक होने की भी सूचना है।

ये आतंकी शिविर लाइन ऑफ कंट्रोल से 47 से 50 किलोमीटर अंदर है। वहां तक 12 मिराज लड़ाकू विमानों का जाना और उनके द्वारा लेजर गाइडेड बम से सटीक निशाना लेते हुए आतंकी शिविरों को उड़ा देना। ये इस बात को दर्शाता है कि भारतीय वायुसेना बहुत सक्षम है। इसके पायलट बहुत सक्षम है और उसके उपकरण बहुत सक्षम है। इसके साथ ही भारत ने आज पूरे विश्‍व को एक सख्‍त संदेश दे दिया है कि हमारी संप्रभतुता पर जो भी हमला करेगा, उसको इस तरह की सजा दी जाएगी। क्‍योंकि पाकिस्‍तान ने इस पर कोई नियंत्रण नहीं किया, उसने आतंक की इन फैक्‍ट्ररियों को नियं‍त्रण करने का प्रयास नहीं किया था। इसलिए ये किया जाना बहुत जरूरी था।

टाइगर हिल पर किया था इस्‍तेमाल
1999 में भारतीय सेना ने टाइगर हिल पर इन्‍हीं लड़ाकू जहाजों का प्रयोग किया था। वायुसेना ने लेजर गाइडेड बम से टाइगर हिल को तबाह कर दिया था। जिसके बाद पाकिस्‍तानी वहां से भाग गए थे। निशाने पर लेजर की रोशनी डालने के बाद इन बमों को छोड़ा जाता हैं, जिसके बाद वे 100 फीसदी निशाने पर गिरते हैं और वहां पर तबाही मचा देते हैं।

 

सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल मोहन चंद्र भंडारी

[भारतीय वायुसेना द्वारा आज सुबह सीमा पार आतंकी शिविरों को तबाह कर देने के बाद optionb.news द्वारा दूरभाष पर सामरिक मामलों के विशेषज्ञ और कारगिल युद्ध को निर्देशित करने वाले सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल मोहन चंद्र भंडारी से विशेष बातचीत पर आधारित।]

#Surgicalstrike2 Live : जैश के सबसे बड़े कैंप पर एयर स्ट्राइक, 200 से 300 आतंकी के मारे जाने की संभावना

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here