सुंदर पिचाई ने कहा – मेरे बेटे के पास अब भी फोन नहीं

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गूगल में यौन उत्पीड़न के मामले उजागर होने और कर्मचारियों के आक्रोश के बीच सुंदर पिचाई न्यूयार्क टाइम्स के सामने मुखातिब हुए. इस दौरान उन्होंने अपने चेन्नई के दिनों को भी याद किया.पिचाई ने कहा कि मैं बचपन में बहुत पढ़ाकू किस्म का लड़का था.

सुंदर पिचाई ने आइआइटी, स्टैनफोर्ड और पेनेसेल्विया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. पिचाई ने कहा कि जब मैं शुक्रवार को घर आता हूं तो कुछ दिनों के लिए गैजेट को दूर रखना चाहता हूं लेकिन इसे लेकर मुझे अभी तक सफलता नहीं मिली है. घर में टीवी को आसानी से एक्सेस नहीं किया जा सकता है. मुझे यह सोचना पड़ता है कि मेरे बच्चे क्या सोच रहे हैं. हर पीढ़ी के साथ तकनीक को लेकर कुछ – न – कुछ चुनौती रहती है. मेरे बेटे के साथ भी है. मैंने उसे अभी तक फोन नहीं दिया है.

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में अपने बारे में बताया है. उन्होंने इस इंटरव्यू में यह भी बताया है कि कैसे चेन्नई में पले बढ़े हैं. इस इंटरव्यू में उन्होंने पहले की अपनी स्थिति के बारे में भी बताया है.
उन्होंने इंटरव्यू में कहा है, ‘मेरी लाइफ सिंपल रही है जो अभी की दुनिया के मुकाबले काफी बेहतर थी. हम एक मामूली घर में रहते थे जिसे किराए पर भी लगाया गया था. हम कमरे के फर्श पर सोते थे.

मैं जब बड़ा हो रहा था तो सूखा पड़ा था जो काफी चिंताजनक था. यहां तक कि आज भी मैं बेड के पास पानी की बॉटल रखे बिना नहीं सोता हूं. दूसरे घरों में रेफ्रिज़्रेटर थे, लेकिन बाद में हमारे यहां आया जो हमारे लिए बड़ी बात थी.’उन्होंने कहा कि तब कंप्यूटर और लैब्स का ऐक्सेस मिलना उनके लिए बड़ी बात हुआ करती थी. उन्होंने 2004 में सर्च इंजन गूगल ज्वाइन किया और तब वो गूगल क्रोम ब्राउजर डेवेलप करने वाली टीम का हिस्सा थे. 10 साल बाद उन्हें प्रोडक्ट इंचार्ज बनाया गया जिसमें सर्च, ऐड और एंड्रॉयड शामिल थे.

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