निशंक के मंत्री बनने पर मेरे खुशी के आंसू टपक पड़े

0
21
photo source: social media
  • हे दुनिया की यूनिवर्सिटीज, निशंक जी के लिए अब कोई नई डिग्री तैयार करो
  • हे अमरत्व देने वाले पब्लिशर्स तैयार रहो, भूखे नहीं मरोगे, निशंक जी के ग्रंथ व कविता संग्रह छपेंगे
  • हे बिल्डरों, अब स्टर्डिया की तर्ज पर परेशान नहीं होना होगा, खूब कमाओ, जमीन कब्जाओ?
  • हे मां गंगे, कुंभ नजदीक है और तेरा लाल अब केंद्र में मंत्री है। अब तेरा क्या होगा, मां गंगे?

शाम के 6 बजकर 58 मिनट पर जैसे ही मोदी जी राजपथ के शामियाने में दाखिल हुए और सामने जा बैठे तो मोदी जी के ठीक पीछे डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक नजर आ गए। उधर, कोयले की खान से निकले संतोष गंगवार भी गर्दन को रामदेव स्टाइल में घुमा रहे थे और कैमरे में जबरदस्ती घुसे जा रहे थे। आज तक चैनल की ड्रामा क्वीन और उनके सहयोगी दे-दनादन की तर्ज पर बात-बात पर आर्केस्टा बजा रहे थे, लग रहा था कि किसी की शादी हो रही है।

खैर मोदी पुराण से अधिक हमें इस बात की खुशी है कि हमारे प्रदेश से कथित भ्रष्टाचार में डाक्टरेट कुशल नेता, जो खाना ही नहीं पचाना भी जानता है, उसकी टीम मोदी में तैनाती हुई है। निशंक जी निर्मल और बेदाग है, उन पर उंगलियां उठी लेकिन उन्होंने तर्क दे दिया कि एक ही उंगली तो उनकी ओर उठी, चार तो आपकी ओर हैं। एक बहुत ही होनहार, अनुभवी साहित्यकार जो निरंतर पुस्तकें प्रकाशित करते हैं और भूखे प्रकाशकों से रॉयल्टी भी नहीं लेते। काश, हर नेता इसी तरह से अपनी कमाई की खुरचन प्रकाशकों, लेखकों जो कविता और लेख के बदले में नाम नहीं दाम चाहते हैं, उनके बारे में हर नेता इसी तरह से सोचे तो मेरे जैसे गरीब पत्रकार के भी दिन बहुर जाएं।

हे भस्मासुरी बिल्डरों तुम्हें अब पहाड़ में दोनों हाथों से जमीन हथियाने का मौका मिलेगा। इधर, त्रिवेंद्र की लचर और कमजोर सरकार और उधर निशंक जिस पर कोई शक नहीं। तुम मौज लो। हम अपने नंगे होते पहाड़ देखेंगे। हरक रावत जरूर रो रहे होंगे कि किस्मत ही खराब है, दल भी बदला, इज्जत भी गंवाई हाथ में आया भी तो क्या वन। निशंक और हरक दोनों दोस्त हैं। एक पानी बेचेगा तो एक जंगल। बस, पहाड़ तेरा दुलारा आखिर वो मुकाम पा ही गया कि जिसका पिछले पांच साल से इंतजार था। सच, मेरे तो खुशी के मारे आंसू टपक पड़े। निशंक को टीम मोदी में शामिल होने पर बधाई।

[वरिष्‍ठ पत्रकार गुणानंद जखमोला की फेसबुक वॉल से]

नहीं रहा उत्तराखंड आंदोलन का एक वीर सपूत

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here