हेमा का नृत्य, अनुराधा के भजन से बचेगी गंगा?

0
4
  • हरकी पैड़ी में आचमन करने लायक भी नहीं है गंगाजल
  • गंगोत्री धाम में शौचालयों की कमी, सीधे गंगा में मल विसर्जन
  • एनजीटी का डंडा चलता है तो अफसरों की मौज हो जाती है

मौजूदा एचआरडी मिनिस्टर और तत्कालीन सीएम रमेश पोखरियाल निशंक के जमाने में गंगा तट पर ड्रीमगर्ल हेमामालिनी ने नृत्य कर लोगों को गंगा की स्वच्छता की बीन बजार्इ थी। हेमामालिनी को गंगा का ब्रांड अम्बेस्डर बनाया गया। लेकिन ड्रीमगर्ल ने उस नृत्य का पैसा लिया और इस तरह से रफू-चक्कर हो गई कि अब तक गंगा के ओर-छोर कभी नजर नहीं आई। अब नमामि गंगे के पैसे को ठिकाने लगाने के प्रयास हो रहे हैं।

अनुराधा ने हरिद्वार में गंगा भजन गाए। गुजरात की आंधी और हरिद्वार के जाम से परेशान लोगों ने कितने ध्यान से थकी हुई अनुराधा की आवाज सुनी होगी, यह साफ नहीं है, लेकिन तय है कि गंगा मैया फिल्मी हस्तियों से नहीं नदी के किनारे बसे लोगों से बचेगी। यदि आप में से कोई इन दिनों हरिद्वार गया हो तो वह देख सकता है कि चंडीघाट से लेकर खड़खड़ी तक जाम का झाम है और यहां गंगा किनारे साधु और तीर्थयात्री मल विसर्जित करते नजर आ जाएंगे। क्योंकि पिछले पांच साल में भी गंगा के किनारे न तो पर्याप्त शौचालय ही बने हैं और न ही सीवरेज टैंक ही। सरकारों ने शौचालय बना लिए लेकिन न तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ही बनाए और न ही मल प्रबंधन नीति। ऐसे में गंगा ही दूषित हो रही है। गंगोत्री धाम में भी साधुओं और आम लोगों को गंगा के किनारे मल विसर्जित करते हुए देखा जा सकता है।

गंगोत्री से लेकर हरिद्वार तक आते-आते इसमें अनेकों सीवरेज और खुले नाले सीधे बिना ट्रीट के ही गंगा में गिर रहे हैं। जब एनजीटी सरकार को फटकारता है तो विभागों के अफसरों की बाहें खुल जाती हैं, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, स्थानीय निकाय, सिंचाई की मौज हो जाती है। सारे विभाग धावा बोलते हैं, दाम वसूलते हैं और फिर झूठी कागजी रिपोर्ट तैयार हो जाती है। गंगा एक्शन प्लान 1986 से लेकर 2019 तक यही हो रहा है और केंद्र सरकार अब तक 50 हजार करोड़ रुपये इस प्रोजेक्ट पर फूंक चुकी है। मातृसदन के कई लोगों ने जान दे दी है, लेकिन गजब की बात है कि आखिर में नतीजा निकलता है कि गंगा पर बन रहे प्रोजेक्ट रोक दो। सरकार की नाकामी इसी बात पर छुप जाती है।

[वरिष्‍ठ पत्रकार गुणानंद जखमोला की फेसबुक वॉल से]

बलूनी क्लासेस ने नि:शुल्क कोचिंग देकर देश को दिए 300 डाक्टर

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here