जनेऊ बीमारी यानि हर्पीस जोस्‍टर का ऐसे करें घरेलू उपचार

0
12
photo source: social media

भैंसिया दाद या जनेऊ को अंग्रेजी में हर्पीस जोस्टर (Herpes zoster) कहा जाता है। यह बीमारी बहुत ही खतरनाक होती है। यह रोग हर्पीस नाम के वायरस की वजह से होता है। यह ऐसा वायरस होता है जो त्वचा पर दर्दयुक्त घाव उत्पन्न करता है। चालीस साल की उम्र के बाद इस रोग के होने की संभावना अधिक हो जाती है। भैंसिया दाद यानि जनेऊ (Herpes zoster) जैसी खतरनाक बीमारी का कारगर उपचार केवल सिर्फ घरेलू उपचार और परहेज है।

इस (Herpes zoster) रोग में चेहरे या त्वचा पर पानी के भरे हुए छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं। इससे इंसान के शरीर के एक ही हिस्से में काफी सारे दाने निकल जाते हैं।
हर्पीस की बीमारी में पथरी की तरह दर्द होता है।
यह दो प्रकार का होता है
(1). जेनिटल हर्पीस और
(2). ओरल हर्पीस।

यह रोग ज्यादातर उन लोगों को होता है, जिन्हें कभी चिकन पॉक्‍स यानि छोटी माता (चेचक) निकली हो। हर्पीस (Herpes zoster) रोग दो से तीन हफ्तों में ठीक हो जाता है लेकिन कई बार यह लौटकर भी आ जाता है।

भैंसिया दाद का प्राकृतिक उपचार एवं सावधानियां
खुरचें नहीं।
घाव या फफोले को ढीली, ना चिपकने वाली, जीवाणुरहित पट्टियों से बांधें।
खुजली वाले क्षेत्रों पर ठंडी, गीली पट्टियां या बर्फ के पेक्स लगाएं या कुनकुने पानी में डुबोकर रखें।
गर्मी या अधिक तापमान से दूर रहें, ये खुजली को बढ़ाता है।
ढीले कपड़े पहनें।
इससे उत्तेजित त्वचा पर कपड़ों की रगड़ नहीं लगती है।

एसेंशियल ऑइल-
सिंगगल्स रोग का घरेलू इलाज
त्वचा पर होने वाले ददोड़े में पानी भरा होता है जो खुजली और जलन के साथ तकलीफ दायक होता है।
इसके घरेलू उपचार के रूप में एसेंशियल ऑइल एक और उपाय है जो जलन और खुजली के अहसास को कम करता है।

हर्पीस (Herpes zoster) का उपचार ब्लैक टी बैग से
हर्पीस (Herpes zoster) के ठंडे छालों में टी बैग की मदद से राहत पाई जा सकती है।
टी बैग को फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें और इसे प्रभावित हिस्से पर लगा के आराम प्राप्त करें।
इसके अलावा गर्म टी बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्राकृतिक दर्द निवारक (Natural pain relievers)
कैपसाईसिन (capsaicin)
ये काली मिर्च का अंश होता है तथा प्राकृतिक दर्द निवारक भी है, जिसका प्रयोग लोग वर्षों से करते आ रहे हैं।
कुछ क्रीम में काली मिर्च का निचोड़ होता है जो दाद के दर्द से राहत दिलाता है।
ऐसे क्रीम इस्तेमाल करने से डॉक्टर की सलाह लें और ऐसे क्रीम दिन में जितनी बार कहा जाए उतनी बार ही इस्तेमाल करें।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल
बेकिंग सोडे को आप पानी में मिलाकर इसे रूई में डुबोकर हर्पिस (Herpes zoster) वाली जगह पर लगाएं।
बेकिंग सोड़ा कीटाणुओं को खत्म करता है और हर्पीस की वजह से होने वाली खुजली और दर्द से भी आराम देता है।

लेमन बाम का प्रयोग
हर्पीस वायरस को रोकने की एक कारगर और बेहतरीन औषधि है लेमन का बाम।
लेमन बाम को हर्पीस वाली जगह पर लगा के आप इस रोग से आराम पा सकते हो।

एलोवीरा का इस्तेमाल
एक प्राकृतिक और घरेलू नुस्खे के तौर पर जाना जाता है एलोवीरा को।
हर्पीस (Herpes zoster) की बीमारी में भी एलोवीरा जेल बहुत ही बेहतर तरीके से काम करती है।
जब आप नियमित रूप से एलोवीरा के पेस्ट को हर्पीस (Herpes zoster) से प्रभावित जगह पर लगते हो तब इससे आपकी यह बीमारी जल्दी ठीक होती है, क्योंकि एलेवेरा में कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो शारीरिक बीमारियों को ठीक करने में सहायक होते हैं।

मुलेठी की जड़ का उपयोग
मुलैठी की जड़ से बना चूर्ण हर्पीस की बीमारी को ठीक कर सकता है।
मुलैठी की जड़ में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं जो हर्पीस की बीमारी में बहुत ही सहायक सिद्ध होती है।

परहेज और आहार

लेने योग्य आहार
शाकाहारी लोग लायसीन से समृद्ध आहार सब्जियां और दालें लें। मांसाहारी लोग मछली, टर्की और चिकन भी ले सकते हैं।
आहार में ब्रसल्स स्प्राउट्स, पत्तागोभी, फूलगोभी आदि लें, इनमें एक सक्रिय तत्व होता है, जिसे इन्डोल-3-कार्बिनोल कहते हैं, जो हर्पीस वायरस की प्रतिकृति बनने से रोकने में उपयोगी पाया गया है।

इनसे परहेज करें
अर्जिनिन से समृद्ध आहार ना लें, खासकर मूंगफली, चॉकलेट्स और बादाम आदि, ये हर्पीस के बार-बार और अधिक जल्दी-जल्दी होने से जुड़े पाए गए हैं।
रिफाइंड शक्कर और एसपारटेम का सेवन कम करें।

योग और व्यायाम
एरोबिक व्यायाम जैसे तैरना, साइकिल चलाना, पैदल चलना सहायक होता है।

[Joswell Healthcare की फेसबुक वॉल से साभार]

नाक से खून बह रहा है, नो टेंशन, इन घरेलू उपायों को अपनाएं

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here