फसल काटती हेमा क्या जमीन से निकालेंगी वोट?

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  • कल होने वाले चुनाव में आलू किसान करेंगे फैसला
  • नोटबंदी के बाद आलू किसानों की गरीबी बढ़ी

ड्रीमगर्ल हेमामालिनी ने पिछले पांच साल मौज से काटे और अब वह खेतों में वोटों की फसल काट रही हैं। कल उनकी इस मजदूरी पर जनता मेहनताना देगी। आगरा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर समेत यूपी की आठ सीटों के लिए दूसरे चरण का मतदान कल होगा। इसमें से आगरा समेत चार सीटें आलू उत्पादन बेल्ट हैं। आगरा समेत इस इलाके के सवा लाख हेक्टयर भूमि में आलू का उत्पादन होता है। हेमामालिनी की छवि यहां काफी खराब है विशेषकर एक एक्सीडेंट के बाद उनका अमानवीय चेहरा लोगों के सामने आया और खूब थू-थू भी हुई।

ड्रीमगर्ल को इस बार प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। और यही कारण है कि हाल में वो गेहूं की फसल काटने के लिए खेतों में भी उतर गई, लेकिन आलू किसानों में नोटबंदी के बाद से भाजपा के प्रति आक्रोश है क्योंकि किसानों को आलू के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। किसानों से भंडारगृह स्वामी नोटबंदी के बाद 4 से 6 रुपये किलो के भाव खरीद रहे हैं, जबकि नोटबंदी से पहले भाव 8 से दस रुपये किलो था। आलू किसानों की कई अन्य समस्याएं भी हैं जिनका समाधान यहां के भाजपाई सांसदों या जनप्रतिनिधियों ने नहीं की है ऐसे में ड्रीमगर्ल की मुसीबतें बढ़ रही हैं। क्या पता मतदान के बाद उन्हें आलू खुदाई का काम करना पड़े?

[वरिष्‍ठ पत्रकार गुणानंद जखमोला की फेसबुक वॉल से]

…तो खत्म हो जाएगा भाजपा-कांग्रेस का वजूद?

 

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