बलूनी क्लासेस ने नि:शुल्क कोचिंग देकर देश को दिए 300 डाक्टर

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  • फौजी पिता के संस्कारों से मिली सामाजिक दायित्व की सीख
  • डा. नवीन बलूनी और विपिन बलूनी भाइयों के अजब प्रेम की गजब दास्तां
  • सुपर-50 के माध्यम से प्रतिभावान बच्चों का डाक्टर बनने का सपना साकार

देहरादून की बालावाला निवासी मीनाक्षी रतूड़ी ने इस बार 2019 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास की है। उसके पिता साधारण सी नौकरी करते हैं और तीन बच्चों का भरण पोषण बड़ी मुश्किल से होता है। ऐसे में प्रतिभावान मीनाक्षी के डाक्टर बनने के सपने को पूरा करना असंभव था, लेकिन बलूनी क्लासेस के सुपर-50 ने उसकी मुश्किलों की राह आसान कर दी। उसने सुपर-50 परीक्षा दी और उसे नि:शुल्क कोचिंग मिली और अब वह अपने सपने को साकार कर पाएगी। इसी तरह ड्राइवर की बेटी प्राची भट्ट भी अब डाक्टर बन परिवार की रीढ़ बन सकेगी। ये दो महज उदाहरण हैं, अब तक ऐसे 300 बच्चों को बलूनी क्लासेस ने सुपर-50 के माध्यम से डाक्टर बनाने का काम किया है। बलूनी क्लासेस की यह परम्परा जारी है और अभावग्रस्त लेकिन प्रतिभावान बच्चों के लिए वरदान है।

सामाजिक दायित्व की यह भावना संस्थान के चेयरमैन डा. नवीन बलूनी और प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी को विरासत में उनके पिता पूर्व सूबेदार जनार्दन बलूनी से मिली है। पिता ने उन्हें ऐसे संस्कार और परवरिश दी कि बुलंदियां छूने के बावजूद उनमें विनम्रता और परोपकार की भावना विद्यमान है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दूसरे संस्थान जहां विद्यार्थियों को ग्राहक समझ कर लूटने के नए तरीके ईजाद करते हैं, बलूनी क्लासेस जरूरतमंदों के लिए सफलता के द्वार खोले हुए है। इसे भले ही आप कुछ भी समझें, लेकिन सच यही है कि बलूनी क्लासेस का सुपर-50 हमारे समाज के पिछड़े, कमजोर, आर्थिक संकट का सामना कर रहे प्रतिभावान बच्चों के सपनों को पंख देता है। यह अनुकरणीय मिसाल है। दूसरे सफल लोग भी यदि डा. नवीन बलूनी की तर्ज पर हाशिए पर छूट गए लोगों का हाथ थाम लें तो हम विकास की नई इबारत लिख सकते हैं।

[वरिष्‍ठ पत्रकार गुणानंद जखमोला की फेसबुक वॉल से]

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