रामगोपाल यादव से हिसाब बराबर करने शिवपाल यादव अक्षय के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

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Shivpal Yadav File Photo.

 

शिवपाल यादव का यह मानना रहा है कि रामगोपाल के कारण ही अखिलेश ने उन्हें पार्टी में अलग-थलग कर दिया था

लखनऊ : समाजवादी पार्टी के प्रथम परिवार के बीच की अंदरूनी लड़ाई अब चुनावी स्वरूप में भी दिखेगी. परिवार व पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव फिरोजाबाद सीट से चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं, जहां से समाजवादी पार्टी के अक्षय यादव सांसद हैं. अक्षय यादव मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं. अक्षय यादव सपा महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे हैं. रामगोपाल अखिलेश के चाचा और राजनीतिक रूप से सबसे भरोसमंद शख्स हैं.

पार्टी में वर्चस्व को लेकर जब यादव परिवार में घमसान शुरू हुआ था तब मुलायम व शिवपाल एक ओर और अखिलेश व रामगोपाल एक ओर खड़े थे. शिवपाल का यह मानना रहा है कि रामगोपाल के कारण ही उनके भतीजे अखिलेश ने पार्टी में अलग-थलग कर दिया.

अक्षय यादव.

बाद में सपा से अलग होकर शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाया और वे अपनी इसी पार्टी के फिरोजाबाद से प्रत्याशी होंगे. शिवपाल ने यह भी एलान किया है कि वे भैया मुलायम की मैनपुरी सीट को छोड़ कर हर सीट से अपना प्रत्याशी देंगे. वे अपनी पूरी ताकत भतीजे अखिलेश के उम्मीदवारों को हराने की कोशिशों में लगाएंगे.

साथ ही खुद यह प्रयास करेंगे कि वे रामगोपाल यादव के बेटे को हरा कर उनसे अपना हिसाब चुकता कर लें. शिवपाल व रामगोपाल फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र में शक्तिप्रदर्शन के लिए रैलियां भी कर चुके हैं. वहीं, भाजपा यहां यादव परिवार के द्वंद्व का लाभ उठाने के लिए किसी मजबूत शख्स को उम्मीदवार बनाना चाह रही है. योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह को इसके लिए माकूल माना जा रहा है जो फिरोजाबाद जिले की टुंडला सीट से ही विधायक हैं. वहीं, एक अन्य प्रभावी नेता ठाकुर जयवीर सिंह के नाम की भी चर्चा है. यहां से भाजपा कोई यादव उम्मीदवार भी मैदान में उतार सकती है.

फिरोजबाद सीट से 2009 में अखिलेश यादव जीते थे, दो सीटों पर जीत मिलने के कारण उन्होंने यह सीट छोड़ दी और फिर यहां से उनकी पत्नी डिंपल चुनाव लड़ीं लेकिन राज बब्बर से चुनाव हार गयीं. फिर 2014 के चुनाव में रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव ने यहां भाजपा के एसपी बघेल को चुनाव हराया था.

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