‘आपका राफेल 737 करोड़ का, हमारा 670 करोड़ का है राहुल जी’

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रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)।

नई दिल्ली। लोकसभा में जब राफेल मसले पर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब देना शुरू किया तो एक-एक विंदु पर जवाब दिया है। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि यूपीए की सरकार के समय एक बेसिक राफेल की कीमत थी 737 करोड़। हमने उसे नौ प्रतिशत कम किया और कीमत को 670 करोड़ पर ला दिया है। आपने महज 18 राफेल खरीदने की बात कही थी, हमने उसे 36 कर दिया है। आप सेब की तुलना संतरे से नहीं करें।

यूपीए की डील के मुताबिक उसे 18 राफेल तैयार हालत में मिलने थे और बाकी के 108 11 साल के दौरान बनाए जाने थे। हमने अपने समझौते के दौरान फ्लाई अवे प्लेन्स की संख्या कम नहीं की है। इसकी संख्या 18 से 36 कर दी है। हमें इस साल सितंबर में पहला और 2022 तक आखिरी राफेल मिलने जा रहा है।

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इसके बाद रक्षामंत्री ने कहा कि आपकी मंशा कभी भी प्लने खरीदने की थी ही नहीं। इसके उलट उन्होंने यह सवाल भी पूछा कि आपने अपने कार्यकाल के दौरान अगस्ता-वेस्टलैंड चॉपर का सौदा एचएएल को क्यों नहीं दिया है। आपको यह पता होना चाहिए कि रक्षा और सुरक्षा के सौदे में अंतर होता है। हमारी प्राथमिकता थी कि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला जा सकता है। आपने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में रख कर इस प्रक्रिया को अटकाया था।
रक्षामंत्री का जवाब एक नजर में—

–जब भी कभी आपातकालीन खरीद होती है तो यह दो स्क्वॉड्रन की होती है।
— 1982 में पाक जब अमेरिका से एफ-16 खरीद कर रहा था तब भारत सरकार ने बी मिग-23 एमएफ की दो स्क्वॉड्रन लायक विमान खरीदने का फैसला किया था।
–1985 में भी दो स्क्वॉड्रन लायक जहाज ही फ्रांस से खरीदे गए थे। तब मिराज का सौदा हुआ था।
–1987 में भी महज दो स्क्वॉड्रन लायक मिग-29 विमान ही सोवियत संघ से खरीदे गये थे। राफेल की खरीद भी दो स्क्वॉड्रन तक ही है। इससे ज्यादा नहीं खरीद सकते आपात हालात में। यह सब वायुसेना के सुझाव के आधार पर किया गया है।
–कांग्रेस अध्यक्ष और प्रवक्ता की भाषा एक जैसी नहीं है। इसमें से कोई तो देश को गुमराह कर रहा है।
–कांग्रेस का राफेल पर पूरा मामला एक झूठ है। आरोपों में दम नहीं है।
–‘‘28 जुलाई को संसद में राहुल गांधी जी ने कहा था कि मैंने फ्रांस के राष्ट्रपति से गुप्त समझौते के बारे में बात की थी। इस पर कांग्रेस प्रवक्ता का बयान अलग है।
–राहुल गांधी ने 29 जनवरी में एक रैला में कहा था कि यूपीए के समय एक राफेल 700 करोड़ रुपए में मिल रहा था। 28 जुलाई को संसद में इसकी कीमत घट कर 520 करोड़ हो गई। 11 अगस्त को रैली में 514 करोड़ कहा। फिर, हैदराबाद की रैली में 526 करोड़ हो गया। यह सब क्या है।
–इस सदन में मुझे झूठी कहा गया। पीएम को चोर। आग्रह है कि इसे कार्यवाही से बाहर किया जाए। मैं एक बेहद साधारण परिवार से हूं और पीएम एक गरीब फैमिली से।
होने के बाद मैं आपको बोलने का मौका दूंगी।

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