सिर्फ एक्टर ही नहीं मंजे हुए स्क्रिप्ट राइटर भी थे कादर खान

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अगर आप ‘ सिर्फ तुम ‘ फिल्म देखे होंगे तो वह एसटीडी/ पीसीओ बूथ चलाने वाला शख्स याद होगा. अगर वह याद नहीं तो धड़कन फिल्म का वह मशहूर गाना  – ‘दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है’ में यह गाना गाने वाला शख्स जरूर याद होगा. इस गाने का फिल्मांकन कादर खान पर किया गया था. धड़कन की तरह फिल्मों में ऐसे हजारों किरदार थे, जिसे सिर्फ कादर खान ही जीते थे.

आज 81 साल की उम्र में कनाड़ा में उनका निधन हो गया. 300 हिंदी फिल्मों में अभिनय और 250 फिल्मों के स्क्रिप्ट लिखने वाले कादर खान की गिनती भारत के उन चरित्र अभिनेताओं में होती थी, जिनके बिना फिल्म अधूरी थी. ज्यादातर फिल्मों में हास्य अभिनेताओं के रूप में दिखने वाले कादर खान भारत के हर घर में पहचाने जाने वाले अभिनेता थे.

उनके स्क्रिप्ट काफी मनोरंजक रहती थी. इसलिए कई बार उन पर आरोप भी लगा  कि कादर खान तालियां बजाने वाली स्क्रिप्ट लिखते हैं, जिसमें शब्दों के गहरे भाव कम होते हैं. लेकिन चाहे कुछ भी हो उनके लिखे डायलॉग की वजह से फिल्में काफी मनोरंजक हो जाती थी.

कादर खान का फिल्मों में आना और हिंदी सिनेमा में छा जाने की कहानी भी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. अफगानिस्तान में जन्में एक शख्स के लिए हिंदी फिल्मों में जगह पाना आसान काम नहीं था. लेकिन यह कादर खान की प्रतिभा और मेहनत ही कहिए कि उन्होंने हिंदी फिल्मों में अपनी जगह बनायी. काबुल में जन्में कादर खान के पिता अब्दुल रहमान खान कंधार से थे और उनकी माता इकबाल बेगम ब्लूचिस्तान की रहनेवाली थीं. उनके पिता ने उनका दाखिला इस्माइल यूसूफ स्कूल में करवा दिया. कादर खान बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे. सीविल इंजीनयरिंग से एमटेक करने के बाद मुंबई के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में थोड़े दिनों के लिए पढ़ाया भी. इसी कॉलेज के एनुअल फंन्शन में कादर खान एक नाटक के मंचन में हिस्सा ले रहे थे. इस दौरान दिलीप कुमार की नजर उन पर पड़ी. कादर खान का अब फिल्मी सफर शुरू हो चुका था.

राजेश खन्ना की फिल्म ‘रोटी’ का जब उन्होंने स्क्रिप्ट लिखा, तो मनमोहन देसाई ने उन्हें एक लाख बीस हजार रुपये दिये. उस वक्त के लिए यह बड़ी रकम थी. राजेश खन्ना, जितेंद्र, फिरोज खान, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर और गोविंदा के फिल्मों में अकसर सहायक अभिनेता की भूमिका निभाने वाले कादर खान फिल्मों में बाप, भाई, विलेन और कॉमेडियन के भूमिका में दिखे.

पहली बार वह राजेश खन्ना के साथ ‘दाग’ फिल्म में नजर आये. इस फिल्म में उन्होंने वकील की भूमिका निभाया. हिम्मतवाला फिल्म से उन्होंने कॉमेडी का अभिनय शुरु किया और दर्शकों ने उन्हें इस तरह की भूमिकाओं में काफी पसंद किया. उन्होंने जितना अभिनय किया. उतना ही फिल्मों के स्क्रिप्ट और डॉयलॉग लिखने में अहम भूमिका निभायी. फिल्म ‘हिम्मतवाला’,’जानी दोस्त’, सरफरोश, जस्टिस चौधरी, फर्ज और कानून, जीयो और जीने दो, तोहफा, कैदी, हैसियत, धर्मवीर, गंगा जमुना सरस्वती, कुली, देश प्रेम, सुहाग, परवरिश, लवारिश, मुकद्दर का सिकंदर, मिस्टर नटवरलाल जैसे कई फिल्में है.

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