रायटर्स के दो पत्रकार 500 दिनों के बाद म्यांमार के जेल से बाहर, जानिए किस खबर के लिए हुए थे गिरफ्तार

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जेल से रिहा होने के बाद खुश दिखे दोनों पत्रकार.

गिरफ्तार दो पत्रकारों में से एक ने कहा कि वे अब न्यूजरूप में जाने का और इंतजार नहीं कर सकते हैं

नैप्यीदा : न्यूज एजेंसी रायटर्स के दो पत्रकारों को आज म्यांमार के जेल से रिहा कर दिया गया. दोनों पत्रकारों पिछले 500 से अधिक दिनों से जेल में बद थे. इन पत्रकारों का नाम वा लोन और क्याव सोइ ओ है. पहले की उम्र 33 साल और दूसरे की उम्र 29 साल है. इन्हें 2017 में म्यांमार सरकार ने म्यांमार के आफिसिलय सिक्रेट एक्ट का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था. दोनों पत्रकार संयुक्त रूप से दस रोहिंग्या मुसलिम व्यक्ति एवं लड़के के नरसंहार की पड़ताल अपनी खबर के लिए कर रहे थे.

खबर के लिए तथ्य जुटाने के दौरान उन पर म्यांमार के आॅफिसियल सिक्रेट एक्ट को तोड़ने का आरोप लगा और फिर 12 दिसंबर 2017 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों पत्रकार जेल से बाहर आने के बाद काफी खुश नजर आ रहे थे. उन्होंने मुस्कुराते हुए और हाथ हिलाकर लोगों को अभिवादन किया. जेल से बाहर आने के बाद इनमें से एक पत्रकार वा लोन ने पत्रकारिता के प्रति जज्बे एवं उत्साह से कहा अब मैं अपने न्यूजरूम में जाने का और इंतजार नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि वे पत्रकार है और इस कर्म को जारी रखेंगे.

सितंबर में दोनों पत्रकारों को सात साल की जेल की सजा सुनायी गयी थी. इन्हें 6250 अन्य कैदियों के साथ म्यांमार के राष्ट्रपति के समक्ष वहां के नव वर्ष के मौके पर 17 अप्रैल को पेश किया गया. राष्ट्रपति ने अपने विवेक से इन्हें रिहा करने का आदेश दिया.

हालांकि, अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही ये दोनों पत्रकार प्रेस की आजादी के प्रतीक बन गए थे और उन्हें रिहा करने का भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव भी म्यांमार की सरकार पर था. उनकी गिरफ्तारी से म्यांमार के लोकतंत्र के पथ पर बढने के दावों पर भी सवाल उठ खड़े हुए थे.

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