नसीरुद्दीन ने फिर लगाया केंद्र पर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का आरोप

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file photo source: Twitter/@AIIndia

नई दिल्‍ली। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अभिव्यक्ति की आजादी पर एक बार फिर केंद्र को घेरा है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि केंद्र इसे दबा रही है। पूरे देश में आज जुल्‍म और नफरत का नंगा नाच हो रहा है। इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों की आवाज को लगातार दबाया जा रहा हैं। उन्‍होंने नए साल में लोगों से संविधान के मूल्‍यों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। उनके इस वीडियो को एमनेस्टी इंडिया ने अपने टि्वटर से जारी किया है। नसीरुद्दीन शाह एमनेस्टी इंटरनेशनल के ब्रांड एंबेसडर हैं। ईडी ने हाल ही में एमनेस्टी इंटरनेशनल के बेंगलूरु स्थित कार्यालय में एफसीआरए और अन्‍य उल्‍लंघनों के मामले में छापेमारी की थी।

इस बीच, अभिनेता इमरान हाशमी ने कहा कि मैं अभी जो सोच रहा हूं उसे व्यक्त करने में सक्षम हूं। मुझे लगता है कि हमारे देश में बोलने की स्वतंत्रता है, मैं इस विवाद से अनजान हूं। इसलिए, इस पर बोलना मेरे लिए थोड़ा गैर-जिम्मेदाराना हो सकता है।

उधर, शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, मुझे नहीं लगता कि भारत में मानवाधिकार का उल्लंघन हो रहा है। भारत में लोकतंत्र है। मैं उनका सम्मान करता हूं, वह एक महान कलाकार हैं, वह जो कहना चाहते हैं वही कह रहे हैं।

इस बीच, वीडियो जारी करने के बाद एमनेस्टी इंडिया के सीईओ आकार पटेल ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस समय देश में मानवाधिकार रक्षकों और सिविल सोसायटी के समक्ष अड़चनें नजर आ रही है। हमेशा की तरह मानवाधिकार इस बार भी जीतेगा। मानवाधिकारों की रक्षा करने वालों के साथ खड़ा होने के इस अभिनेता का आभार भी जताया।

नसीरुद्दीन का इससे पहले भी बुलंदशहर हिंसा पर प्रतिक्रिया देकर हिंदू संगठनों के निशाने पर आ चुके हैं। उन्‍हें अपने इस वीडियो आजाद भारत और संविधान की बात कर रहे हैं और बता रहे हैं कैसे संविधान के उसूलों को नष्‍ट किया जा रहा है, जो सबकी सुरक्षा, समानता और सम्‍मान की बात करता है। उन्‍होंने आगे कहा है कि कैसे इस समय देश में हक की आवाज उठाने वालों को जेलों में ठूंसा जा रहा है। फनकारों, कलाकारों और शायरों के काम पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। पत्रकारों की आवाज भी दबाई जा रही हैं देश में मजहब की दीवारें खड़ी की जा रही है। देश में मासूमों को मारा जा रहा है। देश में जुल्‍म और नफरत का नंगा नाच किया जा रहा है। जो इसके खिलाफ है उसने कार्यालयों में छापेमारी की जा रही है और उनके बैंक एकाउंट तक सील कर दिया जा रहे हैं। सच को दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है। यह देश हमारे सपनों का देश नहीं हो सकता, जहां अमीर और ताकतवर के आगे गरीब की आवाज दबा दी जा रही है। सब तरफ अंधेरा नजर आ रहा है। उन्‍होंने आगे कहा कि संवैधानिक मूल्‍यों की रक्षा के लिए हम सब को आगे आना होगा।

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