अमेठी में राहुल का ‘राफेल’ नहीं, स्मृति का ‘सीटी स्कैन सेंटर’ क्यों है चर्चा में !

0
19
file photo

नई दिल्‍ली। देशवासियों की निगाहें लोकसभा पर थीं, जहां राफेल पर चर्चा चल रही है। दूसरी ओर, एक और जंग राहुल लड़ रहे थे अमेठी में। वहां स्मृति ईरानी पिछले दो दिन से हैं और एक के बाद एक तंज उन पर कसे जा रही हैं। शाम होते-होते खबर आई कि राहुल गांधी का दौरा रद्द हो गया है। जल्द ही उनके दौरे के  बारे में जानकारी दी जाएगी। स्मृति का उत्साह देखने लायक था- उन्होंने कहा कि वे एक सीटी स्कैन सेंटर का उद्घाटन कर रही थीं। उन्होंने तंज कसा और कहा- यह है राहुल गांधी के इलाके में विकास की झलक। 15 साल तक जो सांसद रहा और खुद को पीएम पद का दावेदार कहता हो, वहां इस तरह का विकास ?

ये वहीं स्मृति हैं, जिन्होंने 2014 में राहुल की सांसें एकबार अटका दी थीं, जब उन्होंने राहुल पर बढ़त बना ली थी। राहुल की अनुपस्थिति में पूर्व मंत्री संजय सिंह ने कमान संभाल रखी थी। उन्होंने कहा कि कुछ कारणों से राहुल गांधी का दौरा अभी नहीं हो सकेगा। स्मृति को जो काम भाजपा आलाकमान ने दे रखा है,  उसे उन्होंने पूरा कर दिया था तबतक। राफेल पर राहुल कोई बाजी न मार लें, इसलिए वहां मीडिया की सुर्खियां स्मृति बटोर रही थीं। देश में छाए राहुल, पर अमेठी में स्मृति ईरानी हैं।

राहुल गांधी ने अपना दौरा क्‍यों रद्द किया इसका कारण तो नहीं बताया गया, हां कांग्रेस ने जरूर कहा कि उनके अमेठी दौरे की अगली तिथि की जानकारी जल्‍दी दे दी जाएगी। दौरे के दौरान स्‍मृति के तेवर देखकर लगता है कि वे एक बार फिर से आगामी लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं। वहीं, संसद में राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल पर मोदी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

अमेठी पहुंचीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल के पोस्‍टर देखकर जिसमें उन्‍हें देश का अगला प्रधानमंत्री बताया गया था, तंज कसने से पीछे नहीं हटीं और कहा–माया, अखिलेश और ममता बनर्जी के आशीर्वाद से वंचित राहुल को मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने से कौन रोक सकता है। उन्‍होंने साथ अमेठी के विकास को लेकर भी कांग्रेस अध्‍यक्ष पर तीखे प्रहार किये थे। उन्‍होंने कहा कि विकास की बात करने वाले राहुल बताए कि उन्‍होंने अपने संसदीय क्षेत्र के लिए क्‍या किया। वे ये भी कहने से नहीं चुकी कि जो पांच साल में एक बार अपने संसदीय क्षेत्र में आ रहे थे, उन्‍हें अब बार-बार आना पड़ रहा है।

राम मंदिर मुद्दे पर भी उन्‍होंने कांग्रेस अध्‍यक्ष को घेरने में कोताही नहीं बरती। उच्‍चतम न्‍यायालय इस मामले में सुनवाई टलने पर उन्‍होंने कहा कि कांग्रेसी वकील अदालत कार्यवाही में बाधा बन जाते हैं। कांग्रेस अध्‍यक्ष को जवाब देना चाहिए कि ऐसा क्‍यों होता है? स्‍मृति मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ के बयान पर कांग्रेस अध्‍यक्ष को आड़े हाथों लिया। कमलनाथ ने मप्र में उत्‍पन्‍न बेरोजगारी की समस्‍या के लिए अन्‍य राज्‍यों विशेषकर उत्‍तर प्रदेश और बिहार के लोगों को बताया था।

लोकसभा में जहां राफेल सौदे पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने थी। स्‍मृति ने कहा- भाजपा संसद में अपना पक्ष रख चुकी है। इसके बाद भी कांग्रेस अध्‍यक्ष झूठ की राजनीति करना चाहते हैं, कोई क्‍या कर सकता है। स्‍मृति ने कांग्रेस इस मुद्दे पर इतनी ही गंभीर तो उनके सदस्‍यों ने कल लोकसभा में कागज के हवाई जहाज क्‍यों उड़ाये थे ?

वहीं, राजनीतिक गलियारे में ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा में राफेल पर चल रही बहस के मद्देनजर शायद राहुल गांधी ने अपना अमेठी दौरा रद्द किया है। यह बात कितनी सही इस बात की तो पुष्टि नहीं की जा सकती, परंतु लोकसभा में उनके तेवर देखने लायक थे। उन्‍होंने साफ-साफ कहा कि इस मामले में मोदी की संलिप्तता है। उन्‍होंने अपने तीखे तेवरों से दर्शा दिया कि लोकसभा चुनाव में भी राफेल सौदा भाजपा का पीछा नहीं छोड़ेगा।

उधर, आज अमेठी दौरे पर स्‍मृति की आक्रामकता देखकर लगता है कि इस बार का लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की राह आसान नहीं होने वाली है। लोकसभा चुनाव 2014 में राहुल गांधी के खिलाफ आप पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और कविवर कुमार विश्‍वास के अलावा स्‍मृति ईरानी भी मैदान में थी। जिसके बाद सभी की नजरें इस लोकसभा सीट पर टिक गई थी। मतगणना वाले दिन स्‍मृति ईरानी ने एक बार राहुल गांधी पर लीड बना ली थी। बाद में राहुल गांधी ने जबरदस्‍त वापसी की और जीत हासिल की। वहीं, कुमार विश्‍वास को 30 हजार से कम वोटों पर ही संतुष्टि करनी पड़ी थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here