सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश से बीजेपी एमपी उदित राज हुए खुश, कल बंद, 10 प्वाइंट्स

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केरल के सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में आज बिंदु और कनकदुर्गा नाम की दो महिलाएं अहले सुबह प्रवेश कर गयीं और पूजा-अर्चना की. पिछले दिनों सितंबर के आखिरी दिनों में सुप्रीम के द्वारा सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दिये जाने के बाद यह पहला मौका है, जब मंदिर परिसर के अंदर 40 वर्ष के आसपास की दो महिलाएं प्रवेश कर सकीं. मंदिर में 10 वर्ष से 50 वर्ष तक की महिलाओं का प्रवेश इसलिए वर्जित रखा गया है, क्योंकि इस आयुवर्ग की महिलाएं रजस्वला होती हैं. आइए 10 प्वाइंट में जानते हैं कि आज सबरीमाला से संबंधित क्या-क्या डेवलपमेंट दिन भर हुए हैं:

आज सुबह पौने चार बजे पेशे से वकील बिंदु व सामाजिक कार्यकर्ता कनकदुर्गा मंदिर में प्रवेश कर गयीं और पूजा-अर्चना की. केरल के पतनमतिटटा जिले में स्थित मंदिर में उनके प्रवेश को पहले पुलिस ने खारिज किया, हालांकि बाद में इसे खुद राज्य सरकार ने स्वीकार किया. मुख्यमंत्री ने इस संबंध में बयान दिया.

 

इस खबर के बाद राज्य में किसी प्रकार के संभावित तनाव की आशंका के मद्देनजर अलर्ट कर दिया गया, वहीं बिंदु ने कहा कि उन्होंने पुलिस से कल ही संपर्क किया था और उससे इसके लिए मदद मांगी थी और उन्होंने इसके लिए वादा किया था.

दस-साढे दस बजे के आसपास मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की खबर के बाद उसका कपाट बंद कर दिया गया और मंदिर का शुद्धीकरण किया गया. इसके बाद फिर पट खोले गये.

वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा कपाट बंद करना कंटेप्ट आॅफ कोर्ट यानी अदालत की अवमानना है. वहीं, सबरीमाला करम समिति ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं को ठग रहे हैं.

मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को भारतीय जनता पार्टी ने केरल का काला दिन बताया. वहीं, भाजपा के लोकसभा सदस्य उदित राज ने पार्टी लाइन से अलग जाकर कहा कि वे इससे काफी खुश हैं.

 

दिन के 11.35 बजे के मंदिर के कपाट फिर खोल दिये गये. वहीं, राज्य के डीजीपी ने कहा कि सुरक्षा उपलब्ध करवाना हमारी जिम्मेवारी है, उम्र की जांच करना नहीं.

केरल कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट भी विरोध पर उतर आया. वहीं, भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने भी मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध किया.भाजपा व हिंदू वादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने रोड जाम किया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य के देवसोम मंत्री के सुरेंद्रण को काला झंडा भी दिखाया. केरल में भाजपा एवं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पिन्नरई विजयन से इस्तीफे की भी मांग की.

वहीं, त्रावणकोर देवसोम बोर्ड ने कहा है कि वह मंदिर के कपाट बंद करने वाले पुजारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा. बोर्ड ने यह भी कहा कि हमने सबरीमाला या किसी अन्य मंदिर में श्रद्धालुओं को पैसे देने से मना किया है.

सबरीमाला करम समिति ने इसके बाद गुरुवार को केरल बंद का आह्वान किया है. ऐसे में अब कल होने वाले बंद पर सबकी निगाह टिकी रहेगी.

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