नए साल के पहले दिन मोदी का इंटरव्‍यू : बोले- संविधान के दायरे में ही राममंदिर का समाधान

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file photo source: ANI

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नये साल के पहले दिन ही एक इंटरव्यू में कहा है कि राम मंदिर मुद्दे का हल संविधान के दायरे में ही होगा। इस पर अध्‍यादेश कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आ सकता है। उन्‍होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह कानूनी प्रक्रिया को धीमा कर रही है। उन्‍होंने सर्जिकल स्‍ट्राइक पर कहा कि ये बहुत बड़ा जोखिमपूर्ण निर्णय था। नरेंद्र मोदी ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्‍कार में ये बात कही है।

नववर्ष के पहले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साक्षात्‍कार के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। आमतौर पर मीडिया से दूर रहने वाले मोदी का यह लगभग 95 मिनट लंबा साक्षात्‍कार आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर काफी महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है।

उनसे ये पूछे जाने पर की 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी बनाम कौन होगा, उन्‍होंने कहा कि ये चुनाव जनता बनाम गठबंधन होगा। उन्‍होंने उर्जित पटेल के मुद्दे पर कहा कि पूर्व आरबीआई गनर्वर पिछले कई महीने से पद छोड़ने की बात कह रहे थे। वहीं, नोटबंदी पर उन्‍होंने कहा कि एक साल पहले ही कालेधन वालों चेतावनी दे दी गई थी, परंतु उन्‍हें ये लगा कि पहले की सरकारों की तरह इस बार भी कुछ नहीं होगा। परंतु हमारे इरादे अटल थे।

विधानसभा में हार और लोकसभा चुनाव में चुनौती
2018 में मेरे लिहाज से बहुत सफल रहा है। चुनाव अनेक पहलुओं से एक छोटा-सा पहलू होता है। यदि आज सरकार देश में गरीब व्‍यक्ति को आयुष्‍मान भारत योजना में 5 लाख तक इलाज करवाकर बीमारी से छुटकारा पा रहा है। ये तो मैं सफलता ही मानूगा। इस योजना के तहत चार महीने के भीतर ही आज कई लाख लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। यदि सभी गांवों में बिजली पहुंच गई है, ये भी तो सफलता ही है। 2018 में बंपर क्रॉप हुआ है। 2018 का साल भारत के लिए बहुत उज्‍जवल रहा है।

तेलंगाना और मिजोरम वहां सत्‍ता में आएंगे हम कभी नहीं सोचते थे। छत्‍तीसगढ़ में साफ हार, परंतु दो राज्‍यों में त्रिशंकु विधानसभा बनी। वहां पर 15 साल के शासनकाल के खिलाफ वाला माहौल था। वहां हमारे कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत की। आप ये भी देखिए कि हरियाणा निकाय चुनाव में भाजपा की जीत, जम्‍मू-कश्‍मीर निकाय चुनाव में मतदान का प्रतिशत और भाजपा या उसके द्वारा समर्थित उम्‍मीदवारों की जीत क्‍या है।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस की सोच परिवारवादी और जातिवादी है। कांग्रेस मुक्‍त भारत का मतलब, कांग्रेस का खात्‍मा नहीं, बल्कि उस सोच का खात्‍मा है, जिससे वह आज ग्रसित है। उन्‍होंने कहा कि भाजपा एक या दो लोगों की पार्टी नहीं है।

नोटबंदी
देश में ये बात लगातार आती रहती थीं कि कालाधन अर्थव्‍यवस्‍था को खोखला कर रहा था। नोटबंदी से बोरों में भरा कालाधन बैंकों में पहुंचा है। इससे देश की अर्थव्‍यवस्‍था मजबूत होगी। आज देश में आयकर दाताओं की संख्‍या बढ़ी है, ये भी एक सफलता है। देश में इस समय ईमानदारी का माहौल बना है। नोटबंदी एक झटका नहीं था, लेकिन हमारे द्वारा एक साल पहले दी गई कालाधन रखने वालों को चेतावनी दी थी। देश के आर्थिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नोटबंदी जरूरी थी। उन्‍होंने पटरी बदलने के दौरान ट्रेन की गति धीमी होने को अर्थव्‍यवस्‍था से जोड़ते हुए कहा कि बदलाव की वजह से अर्थव्‍यवस्‍था कुछ धीमी हुई थी, परंतु आज उसमें काफी सुधार है।

भ्रष्‍टाचार
उन्‍होंने भ्रष्‍टाचारियों के जेल की जगह बाहर होने पर कहा कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है। अगर अदालत किसी को जमानत देती है तो ये एक कानूनी प्रक्रिया है। परंतु, देश के एक बहुत बड़े परिवार के सदस्‍य जमानत पर हैं। वो भी आर्थिक भ्रष्‍टाचार के आरोप में। आप सोच सकते हैं कि वे देश को कहा ले जाएंगे।

भगौड़े आज नहीं तो कल देश में वापस आएंगे
नीरव, विजय माल्‍या आदि के देश छोड़ने पर उन्‍होंने कहा कि पहले की सरकारें होती तो वे उनके साथ मिलीभगत कर यहीं ऐशोआराम से रहते। परंतु हमारी सरकार ने उनके खिलाफ फंदा कसना शुरू कर दिया था। इसलिए वे देश छोड़कर भाग गए। हमने ऐसे लोगों की देश-विदेश की संपत्तियों को जब्‍त करने पर ध्‍यान दिया है। कानूनी रूप से हम जो भी बेहतर कदम हैं उन्‍हें उठा रहे हैं। आज या नहीं तो कल ये भगौड़े यहां की धरती पर होंगे। देश की एक-एक पाई वापस आएगी।

गब्‍बर टैक्‍स
उन्‍होंने कहा कि जिसकी जैसी सोच होती है वह वैसा ही बोलता है। इसपर ज्‍यादा कुछ नहीं बोलूंगा। GST आने से पहले देश में टैक्‍स रेट क्‍या था। मीडिया को भी जनता के सामने लाना चाहिए। छुपा हुआ कर था, 30 से 40 फीसदी टैक्‍स थे। आज 500 से चीजें शून्‍य फीसदी टैक्‍स पर आ गई हैं। 1200 चीजों के टैक्‍सों को काफी नीचे ले आए हैं। इसके निर्णय जीएसटी काउंसिल में होते हैं और उसमें केंद्र और राज्‍यों सरकारों को एक समान अधिकार प्राप्‍त होते है। उसमें कांग्रेस और अन्‍य विपक्ष दलों की सरकारें भी शामिल होती हैं। हम लगातार फीडबैक ले रहे हैं। ये हम भी जानते हैं कि इससे कुछ समस्‍याएं उत्‍पन्‍न हुई है। जीएसटी काउंसिल के सामने सभी बातों को लाया जाता है। कुछ अन्‍य चीजों में जीएसटी को कम करने के प्रयास जारी है। इन बड़े देश में सबसे चीजों के सुधार में समय लगता है और उसमें कई समस्‍याएं सामने आती हैं।

मध्‍यमवर्गीय
उन्‍होंने कहा कि मध्‍यमवर्गीय एक सम्‍मान जनक जीवन जीना चाहता है। मध्‍यमवर्गीय ही निचले वर्ग के लिए चिंता करता है। मध्‍यमवर्गीय वर्ग ईमानदारी से करों आदि का भुगतान करता है। आयुष्‍मान भारत योजना के तहत बड़ी संख्‍या में अस्‍पताल बनेंगे और रोजगार उत्‍पन्न होंगे। उसका फायदा किसको होगा। मध्‍यवर्गीय को घर बनाने के लिए अब जो 20 लाख तक ॠण जो मिलता है, उससे वह चार से पांच लाख रुपये ब्‍याज के रूप में बचाता है। सस्‍ती हवाई यात्रा, एलईडी बल्‍व, आयकर में मदद, पेंशन आदि जो भी ज्‍यादातर सुविधाजनक कार्य हुए हैं, उसके सबसे ज्‍यादा फायदा मध्‍यवर्गीय वर्ग को ही है।

किसान और लॉलीपॉप
उन्‍होंने कहा कि मध्‍यप्रदेश और राजस्‍थान आदि में किसानों ॠण माफ एक लॉलीपॉप से ज्‍यादा कुछ नहीं है। ये उनके दस्‍तावेज भी बताते हैं। किसानो को मजबूत बनाना, बीज से लेकर बाजार तक की व्‍यवस्‍था में सुधार लाना सबसे जरूरी हैं। सिंचाई योजना जैसे कितनी ही योजना काफी सालों से लटकी हुई थीं। जिसे हमारी सरकार पूरा करने पर लगी हुई हैं। हम ये स्थिति बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि किसान को कर्ज लेना ही नहीं पड़े। फसल लागत को कम करने की कोशिश की जा रही है। उत्‍पादन बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे फसलों का उत्‍पादन बढ़ा है। परिवहन व्‍यवस्‍था को ठीक करने का प्रयास किया है। हम उन्‍हें सौर ऊर्जा पंप उपलब्‍ध करवा रहे हैं।

स्‍वामीनाथन रिपोर्ट को 22 फसलों पर लागू किया है। यदि उस रिपोर्ट को 2007 में ही लागू कर दिया गया होता तो आज किसानों को कर्ज नहीं लेना पड़ता। आत्‍महत्‍या करने वाले ज्‍यादातर किसान निजी कर्जदारों के चक्‍कर में फंसे हुए थे। कर्ज माफी का फायदा उन जैसे किसानों को नहीं मिल पाता। हमारा प्रयास है कि किसान को इतना मजबूत करना कि उसे कर्ज लेने की जरूरत ही ना पड़े।

रामंदिर
रामंदिर मुद्दे पर उन्‍होंने कहा कि यह अभी अदालत में है। जैसी ही न्‍यायिक प्रक्रिया पूरी होगी, सरकार अपना प्रयास करेगा। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस से अपील की कि वह राममंदिर मुद्दे पर अदालत में कानूनी प्रक्रिया में बाधा ना डाले। जिससे जल्‍द से जल्‍द उस पर फैसला आ सके। जोकि देश के भाईचारे की भावना के लिए जरूरी है।

विकास में धर्म नहीं देखते
उन्‍होंने कहा कि विकास कार्य में हम ये नहीं देखते इसका लाभ किस को मिल रहा है। 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थे, हम ये नहीं देखा कि वह किस जात या धर्म का गांव है। हमने सब गांवों तक बिना भेदभाव के बिजली पहुंचाई। गैस किसकी रसोई में जा रही है, इस पर ध्‍यान नहीं देते। हमारी सोच ये रहती है कि हमारी किसी भी माता को कष्‍ट ना हो।

भीड़ हिंसा गलत
उन्‍होंन कहा कि भीड़ हिंसा के लिए देश में कोई जगह नहीं है। ऐसे घटनाओं की कड़ी शब्‍दों में निंदा की जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि ऐसी हिंसा के लिए सभ्‍य समाज में कोई जगह नहीं है।

धर्म
उन्‍होंने कहा कि कई अरब देशों में भी इस प्रथा पर पाबंदी हैं। समाज में महिला हो या पुरुष सभी को समान अधिकार हैं। उन्‍होंने कहा कि तलाक कोई आस्‍था का मसला नहीं है। उन्‍होंने आगे कहा कि सभी को धार्मिक स्‍थलों की पवित्रता का ध्‍यान रखना चाहिए। कई मंदिर ऐसे हैं जहां पर पुरुषों के जाने पर प्रतिबंध। उन्‍होंने कहा कि सर्वोच्‍च न्‍यायालय की महिला न्‍यायाधीश ने अपने आदेश में जो कहा है उसपर गौर करना चाहिए।

सहयोगी दल
राजनीतिक दलों के अपने-अपने स्‍वभाव होते हैं उनकी अपनी-अपनी राजनीतिक मजबूरियां होती हैं। वो क्षेत्रीय भी हो सकती है या कोई अन्‍य भी। कांग्रेस अपने सहयोगी दलों को खत्‍म करने का प्रयास करती हैं। परंतु भाजपा की सोच ऐसी नहीं है। वह सबको साथ लेकर चलना चाहती है।

 

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