भारत की बड़ी कूटनीतिक घेराबंदी, मसूद अजहर ही नहीं दाउद व सलाउद्दीन पर भी बन सकती है ‘बात’

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Maulana Masood Azhar. file photo

दुनिया आतंकी मसूद अजहर पर लगाम के लिए संकल्पित, चीन से लगातार प्रमुख देश कर रहे हैं बात
भारत अपने यहां के भगोड़े आतंकियों दाउद व सलाउद्दीन को सौंपने के लिए भी कूटनीतिक चाल चल रहा है

नयी दिल्ली/वाशिंगटन : पुलवामा हमले का दोषी आतंकवादी मसूद अजहर को भले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के सामने वीटो पाॅवर का उपयोग कर चीन ने बचा लिया, लेकिन दुनिया के दूसरे देश उसे राहत देने को तैयार नहीं हैं. साथ ही वे चीन के साथ भी इस मुद्दे पर अब खरी-खरी बात कर रहे हैं और यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर उसकी मंशा क्या है. सूत्रों के अनुसार, चीन के द्वारा संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को प्रतिबंधित किये जाने व उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो किये जाने के बाद से पिछले 50 घंटे से दुनिया के प्रमुख देश उससे बात कर रहे हैं.

सूत्रों का कहना है कि अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड चीन से इस मामले को परिणति तक पहुंचाने के लिए सकारात्मक बात कर रहे हैं. सुरक्षा परिषद के इन्हीं तीन स्थायी सदस्यों ने आतंकवादी मसूद अजहर के खिलाफ संयुक्त प्रस्ताव लाया था. सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी व 10 अस्थायी सदस्यों में कुल 14 सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, सिर्फ चीन ने इसका विरोध किया.

जनरल असेंबली में भी खुली चर्चा का विकल्प मौजूद

वैश्विक राजनीति व कूटनीति के ये तीन अहम देश अब संयुक्त राष्ट्र की सर्वाेच्च इकाई यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में इस पर खुली चर्चा करने का भी आवश्यकता पड़ने पर मन बना रहे हैं.

भारत के उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा है कि चीन द्वारा चैथी बार मसूद को प्रतिबंधों से बचाने से हम निराश जरूर हुए लेकिन हम इस पर संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के सदयों के साथ लगातार काम कर रहे हैं. भारतीय सूत्रों ने कहा है कि हम इस पर आशावादी हैं कि मसूद आतंकवदी सूची में अवश्य शामिल होगा. भारत को 14 सदस्यों का मजबूत समर्थन हासिल है. मालूम हो कि प्रतिबंध समिति की बैठक गोपनीय होती है, इसलिए इस पर सार्वजनिक रूप से न तो बयान दिया जा सकता है और न ही टिप्पणी की जाती है.

Dawood Ibrahim.

दाउद इब्राहिम व सैयद सलाउद्दीन पर भी सूचना साझा

सूत्रों ने कहा है कि चीन भी यह जानता है कि आतंकवाद चुनौती है और यह पाकिस्तान से संचालित होता है. भारत इस पर धैर्य दिखा रहा है. पाकिस्तान बचाव में अपनी कूटनीतिक पूंजी खर्च कर रहा है और उसके प्रयास कृत्रिम हैं. भारत को अमेरिका का समर्थन हासिल है और उसने हमें कहा है कि पाकिस्तान कार्रवाई करेगा.

भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिका से चिंताएं साझा की है और अमेरिका ने भारत द्वारा उठाये गये मुद्दों पर ध्यान दिया है और उसके प्रयासों की सराहना की है.

 

सूत्रों ने कहा है कि पाकिस्तान भारत को उसके वांछित आतंकियों की सूची में शामिल दाउद इब्राहिम और सैयद सलाउद्दीन को सौंप सकता है. इसके बारे में बहुत विशिष्ट जानकारी साझा की गयी है. अगर पाक को ऐसा लगता है कि इस भारत इसका सत्यापन नहीं कर सकता है तो वह अंतरराष्ट्रीय सत्यापन करा सकता है. सूत्रों ने यह भी कहा कि चीन को इस बात की जानकारी है कि उसके खिलाफ काम करने वाले समूह पाकिस्तान में हैं.

Sayed Salahuddin.

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