लोग किसी को सुनना क्यों पसंद नहीं करते हैं ?

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किसी – किसी शख्स का व्यक्तित्व इतना रूखा होता है लोग उन्हें सुनना नहीं चाहते हैं. उनके सानिध्य में रहना किसी को पसंद नहीं होता है. इस तरह के शख्स हर किसी के मित्रमंडली में पाया जाता हैं. जूलियन ट्रीजर जाने – माने कम्यूनिकेशन एक्सपर्ट  हैं. उन्होंने टेड टॉक में ‘ हाउ टू स्पीक सो देट पीपल वांट टू लिसन’ नाम से एक लेक्चर दिया है. जिसे एक करोड़ 19 लाख लोगों ने देखा है. जूलियन ट्रीजर के मुताबिक एक अच्छा वक्ता होने के लिए सात आदतों को छोड़ना पड़ता है.

1. निंदा – जूलियन के मुताबिक गॉसिप करना कोई अच्छी आदत नहीं है. अकसर जब दो लोग मिलते हैं तो तीसरे के बारे में बात करते हैं. इससे उन्हें क्षणिक सुख मिलता है. लेकिन यह आदत बन जाती है.

2. जज करना – अगर हम बातचीत के दौरान किसी के प्रति हमेशा जजमेंटल होते हैं. हमारी बातचीत हमेशा दो ही बिंदु पर केंद्रित रहती है कि अगला इंसान सही है या गलत तो यह हमारे व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचा सकता है. लोगों की रूचि हममें खत्म हो जाती है.

3. नकरात्मकता – अगर आप बातचीत में हमेशा नकरात्मक होते हैं तो लोग आपमें दिलचस्पी लेना बंद कर देते है.

4. शिकायत – हमेशा शिकायत करते रहना भी व्यक्तित्व को बोरिंग बनाता है. ऐसे लोग शिकायत करने का बहाना ढूंढ लेते हैं. राजनीति, खेल हो या किसी भी मुद्दे पर शिकायत के मूड में रहते हैं.

5. बढ़ा – चढ़ाकर बात कहना – खुद की बातों को प्रभावशाली बनाने के लिए घटना में मसाला मिलाना भी नकरात्मक बातचीत की शैली की निशानी है. लोग ऐसे में रूचि खो देते हैं.

6. हठधर्मिता – हमेशा अपनी सिद्धांतों की बात ही कहना और तथ्य में विचार मिला देना. यह आदत भी हमारे संवाद को बोरिंग बना देता है.

इन तीन आदतों को अपनाये तो आप बन जायेंगे अच्छा वक्ता
1. ईमानदारी – अपने बातचीत में ईमानदारी दिखाये. सच्चाई के साथ घालमेल न करे.

2. प्रमाणिक – जो भी बात बोले वह लोगों को हजम होने वाली बात होनी चाहिए.

3. प्रेम – जिससे भी बात करे उसकी जिंदगी में अच्छाई की कामना करे. उसे एक शुभचिंतक के रूप में लगना चाहिए.

!!पवन !!

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