कैलाश सत्यार्थी का नया साल मनाने का अंदाज आपको भी अच्छा लगेगा

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नोबेल अवार्ड से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी बच्चों को लेकर काम करने के लिए जाने जाते हैं. आज एक जनवरी को कैलाश सत्यार्थी ने कुछ ऐसे बच्चों की तसवीर ट्वीट किया है. जिन बच्चों का वह खुद को दादा कहते हैं. अपने ढेर सारे पोते – पोतियों के इस तसवीर के बारे में लिखते हुए कैलाशी सत्यार्थी ट्वीट करते हैं. नए साल की पहली सुबह हमारे उन पोते पोतियों के साथ जिनके माता पिता को हमने कभी ग़ुलामी से मुक्त कराया था.इनकी मौजूदगी अपने जीवन काल में बाल दासता समाप्त करने के मेरे संकल्प को मज़बूत करती है.क्या ऐसी ईश्वरीय मुस्कान आप को भी प्रेरणा देती है कि बच्चों के साथ हो रही हिंसा रोकें?

पिछले दिनों उन्होंने एक ट्वीट किया था. इस ट्वीट में एक ऐसे बच्चे की कहानी को बयां किया था. जिसे वर्षो पहले उन्होंने बाल मजदूरी से छुड़ाया था. वह बच्चा अब वकील बन चुका है और वह पहला केस किसी दुष्कर्म पीड़िता के लिए लड़ रहा था. ये कहानियां किसी परिकथा से कम नहीं है. किसी के आंसू पोछने और उसकी मुस्कुराहट की कहानी है.

 

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