सिख दंगा पीड़ितों के वकील एचएस फुल्का ने आम आदमी पार्टी से दिया इस्तीफा, शुक्रवार को बतायेंगे कारण

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file photo source: ANI

एचएस फुल्का सिख दंगा मामले के हैं वकील
एचएस फुल्का कांग्रेस से गठबंधन के रहे हैं विरोधी

नयी दिल्ली : आम आदमी की सदस्यता से वरिष्ठ वकील एचएस फुल्का ने इस्तीफा दे दिया. इसकी जानकारी उन्होंने खुद ट्विटर पर गुरुवार शाम को दी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वे आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को आज अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं. फुल्का ने लिखा है – हालांकि अरविंद केजरीवाल ने मुझे इस्तीफा नहीं देने के लिए कहा लेकिन मैंने इस पर जोर दिया. फुल्का ने यह भी कहा है कि वे शुक्रवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी देंगे और बतायेंगे कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया. साथ ही वे उस दिन अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बताएंगे.

एचएस फुल्का 1984 सिख दंगा मामले में पीडित पक्ष के वकील रहे हैं. हाल में दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायकों के कथित उस प्रस्ताव पर काफी हंगामा मचा जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न का सम्मान सिख दंगा मामले में वापस लेने का जिक्र था. हालांकि बाद में पार्टी ने ऐसे प्रस्ताव से इनकार किया. इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कहा कि वे ऐसी मांग का समर्थन नहीं कर सकतीं. विपक्ष की ओर से यह आरोप लगाया गया कि बाद में प्रस्ताव का स्वरूप ही आम आदमी पार्टी ने बदलवा दिया. कांग्रेस व आम आदमी पार्टी में संभावित गठजोड से जोड कर भी इसे देखा गया.

एचएस फुल्का आम आदमी पार्टी के कांग्रेस से किसी भी तरह के गठबंधन के प्रबल विरोधी रहे हैं और पूर्व में कह चुके हैं कि अगर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष ऐसी कोई पहल होती है तो आम आदमी पार्टी छोडने वाले वे पहले शख्स होंगे. उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस से गठबंधन सिख दंगा मामले में उसके दोषियों को एक तरह से क्लीन चिट देना होगा. फुल्का ने पिछले साल पंजाब विधानसभा की सदस्यता भी त्याग दी थी. उन्होंने तब पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एवं रिटायर्ड डीजीपी सुमेध सिंह सैनी के मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा कार्रवाई करने में कथित विफलता पर नाराजगी जतायी थी.

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