‘अरे…ये अमित कब से “सर जी” हो गया’ : कादर का कर्ज अब बच्चन कैसे उतारेंगे ?

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कान्सेप्ट इमेज।

यह सब जानते हैं कि अमिताभ और कादर खान कभी अच्छे और गहरे मित्र रहे थे। बाद में अनबन हुई। रुसवाई हुई। उल्फतों-शिकायतों के दौर के बाद अब जबकि कादर खान नहीं हैं तो एकबार फिर से अमिताभ बच्चन के साथ उनकी दोस्ती के पुराने किस्से सोशल मीडिया पर छाये हुए हैं। आज भले ही अमिताभ दुखी हों, लेकिन यह भी सच है कि इस फिल्म इंडस्ट्री में केवल दो ही लोग ऐसे हुए, जो मुखर तौर पर उनके विरोधी हुए। पहले परवी बॉबी और बाद में कादर खान।

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इस राज पर से परदा तब हटा, जब एकदिन गर्मियों की शाम में लगभग छह-सात साल पहले कादर खान कुछ अपने अजीज मित्रों के साथ बैठे थे। चाय की चुस्कियों के बीच ठहाकों का दौर चल रहा था। तभी किसी बात पर अमिताभ बच्चन का जिक्र आया। खिलखिलाते कादर एकदम से संजीदा हो गये थे। मुस्कुराहट की जगह एक कड़वाहट छा गई उनके चेहरे पर। एक लंबी चुप्पी के बाद जो वे बोले तो सभी हैरत में थे। आश्चर्य में थे।

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कादर बोले- यदि मैं अमिताभ को ‘अमित सर जी’ कहना शुरू कर देता तो मेरा डॉयलॉग लेखन का कैरियर और एक्टिंग का कैरियर इतना जल्दी नहीं खत्म होता। फिर, अपनी बातों के समर्थन में एक वाकया भी बताया। फिल्म खुदागवाह से जुड़ी हुई थी यह बात। दक्षिण भारत के एक निर्माता उनके पास आए थे और कहा कि आप एकबार अमित सर जी से बात कर लीजिएगा तो अच्छा रहेगा। कादर ने हैरत से पूछा- ये अमित सर जी कौन है/ उनका जवाब आया- अमिताभ बच्चन।

मैंने कहा- ये अमित कब से सर जी हो गया है/ वो तो मेरा दोस्त है। उससे क्या बात करना। बस, उसके बाद मुझे खुदागवाह के साथ-साथ अन्य फिल्मों से भी बाहर कर दिया गया। काम कम हो गया। कई निर्माताओं से मेरी बात हुई। उनका कहना था- एकबार अमिताभ बच्चन से बात कर लेते तो ठीक रहता। कहते हैं कि उसके बाद कादर खान रोने लगे और किसी तरह बोल सके- मेरा यार राजनीति में जाकर बदल गया। मैंने उसे तब भी मना किया था। फिर उसके बाद से अमिताभ बच्चन से उनकी बात कभी नहीं हुई।

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धीरे-धीरे उम्र का असर और बॉलीवुड के ताकतवर लोगों का विरोध, ऐसा हावी हुआ कि कादर खान अंधेरे में गुम होते चले गए। मौत के पहले और बाद में भी यह चर्चा आम है कि वे डिप्रेशन के शिकार थे। वे अपनों के व्यवहार से ही अधिक टूटे थे। लाइम-लाइट से दूर कादर खान ने जब अपनी आखिरी सांस कनाडा में ली तो वहां उनके बेटे-बहू तो थे, लेकिन कोई दोस्त नहीं था। कोई हमदम नहीं था।

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कादर खान की बात बाद में इंडस्ट्री में फैली तो मीडिया ने इस पर अमिताभ से प्रतिक्रिय लेनी चाही थी। उनका कोई जवाब नहीं था पहले। बाद में वे कादर खान की तारीफ करने लगे थे। उनको अपनी सर्वाधिक सफल फिल्मों का अहम कारण बताने लगे थे। उस दौर में जब कादर शीर्ष पर थे, तब उनको खुदा गवाह से बाहर किया गया। गंगा-जमुना-सरस्वती के डॉयलॉग जब वे आधा लिख चुके थे, तब हटाया गया। आजतक इस बात का खुलासा नहीं हो सका कि आखिर दोनों दोस्तों में लड़ाई हुई किस वजह से थी।

(इंटरटेनमेंट डेस्क प्रस्तुति)

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