लोकसभा में राफेल डील पर राहुल गांधी व अरुण जेटली में वार-पलटवार

0
26

लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.

स्पीकर सुमित्रा महाजन ने अन्नाद्रमुक के 26 सांसदों को वेल में आने पर सस्पेंड कर दिया है. उन्होंने कहा कि वे बार-बार ऐसा कर रहे थे जिससे सदन की कार्यवाही चलाने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था.

 

महाराष्ट्र से शिवसेना सांसद अरविंद गनपत सावंत ने राफेल पर बोलते हुए कहा कि अगर राफेल डील पर सरकार सही है तो जेपीसी की जांच से कैसा डर, करा लीजिए जेपीसी. उन्होंने कहा कि जैसे बोफोर्स को लोग कहते हैं कि बोफोर्स सही था, डील गलत थी, वैसा ही राफेल के लिए लोग कहते हैं कि राफेल सही है, डील गलत है. उन्होंने कहा कि हमने नहीं कहा कि राफेल डील गलत है. उन्होंने कहा कि 2001 से बात चल रही है लेकिन न राफेल आया है न सुखोई. उन्होंने कहा कि अब जो डील हुई है उसे पूरी तरह आने में काफी समय लगेगा. उन्होंने कहा कि यूरो फाइटर की कीमत कम थी तो उसके साथ दोबारा मोलभाव क्यों नहीं किया गया.

 

कांग्रेस सांसदों ने सदन के अंदर विरोध स्वरूप वित्तमंत्री अरुण जेटली की ओर कागज के हवाई जहाज बनाकर फेंके, जिस पर स्पीकार सुमित्रा महाजन ने नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आपलोगों ने बचपन में यह बनाया होगा, फिर अभी बना रहे हैं, अभी आप बच्चे हैं या बडे हो गये.

राफेल पर हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर साढे तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय सुरक्षा की समझ नहीं है.

नयी दिल्ली : लोकसभा में आज राफेल डील पर चर्चा चल रही है. राफेल लड़ाकू विमान खरीद पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला किया और कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर सदन में बोलने का साहस नहीं है. वहीं, स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी को इससे जुड़े एक टेप को सदन में चलाने की अनुमति नहीं दी. कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके लिए स्पीकर से मांग की थी, उन्होंने कहा कि ऐसी परंपरा नहीं है. उन्होंनेे राहुल गांधी से पूछा कि क्या वे इसकी सत्यता की जिम्मेवारी लेते हैं और अगर वे इसकी सत्यता की जिम्मेवारी नहीं लेते हैं तो उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है. वहीं, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राहुल गांधी जिस टेप का चलाना चाहते हैं वह एक फर्जी टेप है. उन्होंने राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सांसद पहले भी सदन में खड़ेे होकर देश से झूठ बोल चुके हैं.

वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि पिछली बार भी सदन में जब उन्होंने अपना भाषण दिया था तो उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबा-चौड़ा भाषण दिया, लेकिन उसमें राफेल पांच मिनट भी नहीं बोले. राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार के समय एक राफेल जेट की कीमत 526 करोड़ रुपये थी, जबकि मोदी सरकार के समय इसकी कीमत 1600 करोड रुपये हो गयी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने फ्रांस जाकर इस सौदे का स्वरूप ही बदल दिया.

राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने खुद कहा था कि उन्हें इस सौदे का आइडिया नहीं था. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एयर फोर्स की सहमति के बिना राफेल सौदा बदल गया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here