मसूद अजहर के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव का असर, नरम पड़े चीन के तेवर

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Chinese Ambassador to India Luo Zhaohui- ANI Photo.

नयी दिल्ली : जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रतिबंधों से बचाने के बाद विश्व बिरादरी के निशाने पर आये चीन की ओर से इस पर इसके बाद पहली प्रतिक्रिया आयी है. न्यूज एजेंसी एएनआइ को भारत में चीन के राजदूत लूओ झाओहुई ने कहा है कि मसूद अजहर को मामला सुलझ जाएगा. उन्होंने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति में इसका समाधान होगा.

चीनी राजदूत ने कहा कि इसे सिर्फ तकनीकी आधार पर रोका गया है और हमारे पास इस पर नियमित विमर्श के लिए अभी समय है. उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि यह मामला सुलझ जाएगा.

चीन के राजदूत ने आज चीनी दूतावास में होली खेली और इस दौरान मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि पिछले साल दोनों देशों के बीच वुहान सम्मेलन के बाद दो तरफा सहयोग से हमारे रिश्ते सही राह पर आगे बढ रहे हैं. हम आपसी सहयोग से संतुष्ट हैं और भविष्य को लेकर आशावादी हैं. चीनी राजदूत इस दौरान रंग-गुलाल भी ख्ेाली. इस चीन का भारत के लिए होली का शुभेच्छा पूर्ण संदेश माना जा सकता है.

13 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने पुलवामा हमले के दोषी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के अमेरिका, फ्रांस व इंग्लैंड के संयुक्त प्रस्ताव को चीन ने वीटो कर दिया था. उसने 10 साल में चैथी बार ऐसा किया था, जिसके बाद चीन की आलोचना हो रही है. हालांकि प्रतिबंध समिति की बैठकें गोपनीय होने के कारण इस पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दे रहा है.

संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद के चार स्थायी सदस्य अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड व रूस एवं 10 अस्थायी सदस्य मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने व उसे प्रतिबंधित करने के पक्ष में थे.

मालूम हो कि चीन के रवैये से नाराज विश्व के प्रमुख राष्ट्रों ने अन्य विकल्प पर विचार का संकेत दिया था. इस पर जनरल असेंबली में भी चर्चा का विकल्प खुला है. अमेरिका की ओर से कहा गया कि हम इस मुद्दे के समाधान के लिए प्रयास जारी रखेंगे. यह भी खबरें आयीं कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य बैक डोर डिप्लोमेसी के तहत चीन को समझाने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं, भारत ने भी इस पर आशावादी रुख दिखाया था और कहा था कि हम इस पर प्रयास जारी रखेंगे.

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