महाराष्ट्र : फिर टूट सकता है शिवसेना से भाजपा का गठबंधन

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नयी दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी एवं शिवसेना का गठबंधन एक बार फिर टूटने के करीब पहुंच गया है. शिवसेना के लगातार कटाक्ष से भारतीय जनता पार्टी का धैर्य जवाब देता दिख रहा है. सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र भाजपा इकाई व वहां के प्रमुख नेताओं व सांसदों को अकेले दम पर चुनाव लडने का संकेत देते हुए इसकी संभावना टटोलनी शुरू कर दी है.

. न्यूज एजेंसी एएनआइ के अनुसार, उन्होंने महाराष्ट्र के पार्टी सांसदों के साथ एक बैठक में उनसे अकेले चुनाव लडने की संभावना के बारे में पूछा है.. ध्यान रहे कि हाल ही में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की एक रैली में राफेल डील की चर्चा करते हुए कांग्रेस के नारे चैकीदार चोर है को दोहराया था.

चैकीदार चोर है नारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राफेल डील मामले में गढा है. प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को देश का चैकीदार कहते रहे हैं. राहुल गांधी का कहना रहा है कि राफेल डील में नरेंद्र मोदी ने कारोबारी अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाया है और इस पर उनकी पार्टी इस पर जेपीसी जांच की मांग कर रही है. शिवसेना ने भी कहा है कि अगर डील में कोई गडबडी नहीं हुई तो जेपीसी पर सरकार को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

कल ही राफेल डील पर लोकसभा में चर्चा के दौरान शिवसेना ने संकेतों में भाजपा का सहयोगी होने पर भी सरकार की नीयत पर सवाल उठाया और विपक्ष की जेपीसी की मांग का एक तरह से समर्थन कर दिया. जबकि सरकार जेपीसी की मांग को खारिज करती रही है. ध्यान रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने भी राफेल पर सरकार को क्लीन चिट दी है और कहा है कि सौदे में सरकार की नीयत पर शक करने की कोई गुंजाइश नहीं है.

उद्धव ठाकरे द्वारा चैकीदार चोर है बयान दिये जाने के बाद इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि उचित समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा. संभवतः अब उचित समय आने वाला है. यह भी गौरतलब है कि शिवसेना स्वयं भी पहले यह कह चुकी है कि वह अगला चुनाव अकेले लड सकती है.

विधानसभा चुनाव भी भाजपा-शिवसेना अलग-अलग लडी थीं

महाराष्ट्र का 2014 का विधानसभा चुनाव भी भारतीय जनता पार्टी एवं शिवसेना अलग-अलग लडी थीं. सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर दोनों का गठबंधन टूट गया था. इस चुनाव में भाजपा महाराष्ट्र में बडी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना उससे कम सीटें हासिल कर पायी. भाजपा ने बहुमत जुटा कर अकेले सरकार बनाने में कामयाब हुई और बाद में उसमें शिवसेना शामिल हुई. ध्यान रहे कि पहले महाराष्ट्र में इससे पहले शिवसेना ए टीम व भाजपा बी टीम हुआ करती थी. शिवसेना को यह आशंका हमेशा से रही है कि भाजपा उसके आधार को उससे छिन रही है. हाल में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंचे थे और उन्होंने मोदी सरकार से मंदिर निर्माण की तारीख पूछी थी.

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