लोकसभा चुनाव : गिरिराज सिंह की पूरी होती है बिन मांगी ‘मुराद’, जो चाहते वह नहीं मिलता

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photo source: Ani

पटना : भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह अपने बयानों एवं तेवरों के लिए जाने जाते हैं. भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड एवं लोक जनशक्ति पार्टी के बीच आज हुए सीट बंटवारे में गिरिराज की मौजूदा लोकसभा सीट नवादा लोक जनशक्ति पार्टी के खाते में चली गयी. यहां से मुंगेर से लोजपा की मौजूदा सांसद वीणा सिंह चुनाव लड़ेंगी. वहीं मुंगेर से नीतीश कुमार के करीबी ललन सिंह चुनाव लड़ेंगे.

सीट बंटवारे के फार्मूले के कारण गिरिराज सिंह को अपनी वह सीट छोड़नी होगी, जिससे वे पिछले पांच साल में फ्रेंडली हो गये थे. उन्होंने इस सीट के लिए पांच सालों में काम भी किया और यहां से जुड़ने के लिए मेहनत भी की, लेकिन अब उन्हें बेगूसराय सीट का रुख करना होगा.

भाजपा ने तय किया है कि वह बिहार में किसी केंद्रीय मंत्री का टिकट नहीं काटेगी, इससे यह तय है कि गिरिराज सिंह ही बेगूसराय सीट से लड़ेंगे. गिरिराज सिंह 2014 के लोकसभा चुनाव में बेगूसराय सीट ही पार्टी नेतृत्व से मांग रहे थे, लेकिन उनकी मुराद पूरी नहीं की गयी थी.

गिरिराज सिंह पिछली बार बेगूसराय से नाम कटने पर गुस्से में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से बात करने उनके आवास पहुंचे थे, जहां सुरक्षा वालों ने उन्हें गेट पर रोका भी था. तब उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपना गुस्सा निकाला था. हालांकि वे बाद में पार्टी अध्यक्ष से मिले थे और अपनी बात रखी थी.

पार्टी नेतृत्व ने उन्हें समझाया कि वे नवादा से लड़ें और वहां से जीत दर्ज करें. गिरिराज सिंह न चाहते हुए भी नवादा से चुनाव लड़ने पहुंचे और जीते भी. बाद में केंद्रीय मंत्री भी बने.

इस बार न चाहते हुए भी उनकी वहीं पांच साल पुरानी मांग एक तरह से पार्टी पूरी कर रही है. बेगूसराय सीट पर इस बार चुनाव रोमांचक होने वाला है, क्योंकि यहां से जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के भाकपा के टिकट पर बतौर महागंठबंधन प्रत्याशी चुनाव लड़ने की संभावना है.

भूमिहार बहुल इस इलाके में दोनों भूमिहार उम्मीदवार मैदान में होंगे तो चुनावी लड़ाई अधिक रोचक होगी. कन्हैया के कारण इस सीट पर देश भर की नजर रहेगी और यहां पर विपक्षी दिग्गज भी जुटेंगे. कन्हैया कुमार को विपक्ष युवाओं के हीरो के रूप में पेश करने का प्रयास करेगी. ऐसे में गिरिराज के लिए इस सीट पर जीत हासिल करना अधिक चुनौतीपूर्ण होग.

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