आम चुनाव 2019 : बिहार के सारण क्षेत्र में एनडीए की सीटों का फंस गया है पेंच

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सीवान और सारण सीट पर सबसे ज्यादा संशय

पटना : बिहार के सारण इलाके में लोकसभा की चार सीटें हैं. इस इलाके में सारण, सीवान, महाराजगंज व गोपालगंज चार लोकसभा सीटें हैं. ये चारों सीटें वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के कब्जे में हैं. सारण से पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी, सीवान से ओमप्रकाश यादव, महाराजगंज से जनार्दन प्रसाद सिगरीवाल और गोपालगंज से जनक राम सांसद हैं, लेकिन यह तय है कि इस बार इसमें एक से दो सीटें जदयू की झोली में जा सकती हैं.

बिहार में सहयोगी जदयू के लिए भाजपा खुद की कई सीटें छोड़ रही है. सबसे अधिक संभावना भाजपा द्वारा सीवान को छोड़ने की है. हालांकि जदयू के साथ दिक्कत यह है कि उसके पास सीवान से कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं है. महागठबंधन से यहां से राजद उम्मीदवार के रूप में हिदा शहाब का लड़ना तय माना जा रहा है. वे बाहुबली व पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हैं. जदयू खेमे से यहां से एक महिला नेता सहित दो की दावेदारी इस सीट पर है. वहीं, मौजूदा सांसद ओमप्रकाश यादव के समर्थक अपने नेता की सीट छोड़ने को तैयार नहीं हैं. वे अपने नेता के पक्ष में जनता के समर्थन की बात कह कर यहां से फिर उनके लिए टिकट मांग रहे हैं. ऐसे यह एक संभावना है ओमप्रकाश यादव को कुछ आश्वासन देकर पार्टी सीट छोड़ने के लिए राजी कर सकती है. उनके अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उनके बेटे को टिकट देने का वादा किया जा सकता है.

वहीं, सारण सीट से मौजूदा सांसद राजीव प्रताप रूडी के चुनावी जीत की संभावना कमजोर मानी जा रही है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी के अंदरूनी सर्वे में उनकी उम्मीदवारी के लिए अनुकूल स्थिति नहीं पायी गयी है. ऐसे में भाजपा के पास एक विकल्प यह है कि वह यहां से महाराजगंज के सांसद जनार्दन प्रसाद सिगरीवाल को मैदान में उतारे और वह सीट अपनी सहयोगी जदयू को दे दे.

भाजपा-जदयू के अंदर सीट बंटवारे पर फंसे पेंच के कारण सीट बंटवारे व नामों के एलान का फैसला तीन दिन से टल रहा है. जबकि बिहार में पहले फेज 11 अप्रैल से ही लगातार चुनाव है.

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