बिहार : लोकसभा चुनाव के छठे चरण में भाजपा की तीन सीटों पर लड़ रहा है जदयू, दोस्ती की असली परीक्षा

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पटना : लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 12 मई को देश की कुल 59 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है, जिसमें आठ सीटें बिहार की हैं. देश के लिए यह भले छोटा चरण हो लेकिन बिहार के लिए यह बड़ा चरण है, क्योंकि इसमें पहले की अपेक्षा अधिक सीटों पर मतदान होना है. यह चरण इस मायने में भी अहम है कि इसमें नरेंद्र मोदी एवं अमित शाह की भाजपा एवं नीतीश कुमार के जदयू की 2017 के उत्तरार्द्ध में शुरू हुई नयी दोस्ती की असली परीक्षा होगी. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने दरियादिली दिखाते हुए इस चरण की अपनी तीन सीटिंग सीटें जनता दल यूनाइटेड को दी है, जिस पर भाजपा के सीटिंग सांसद हैं, लेकिन चुनाव मैदान से वे मुकाबले से बाहर हैं और वहां जदयू के उम्मीदवार प्रतिस्पर्धी महागठबंधन से दो-दो हाथ कर रहे हैं.

इस चरण में पश्चिम बिहार की सीटों पर ही प्रमुखता से मतदान है. इसमें गोपालगंज, वाल्मिकीनगर, सीवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर, महाराजगंज, पश्चिमी चंपारण एवं वैशाली शामिल हैं. पहली तीन सीटों गोपालगंज, वाल्मिकीनगर एवं सीवान भारतीय जनता पार्टी की सीटिंग सीट है, जिस पर जनता दल यूनाइटेड चुनाव लड़ रहा है. इसके अलावा एक सीट वैशाली पर लोजपा चुनाव लड़ रही है. इस सीट पर राजद के बड़े नेता रघुवंश प्रसाद सिंह से लोजपा की वीणा देवी मुकाबला कर रही हैं. वीणा ेदेवी जदयू के प्रभावशाली एमएलसी दिनेश सिंह की पत्नी हैं. रघुवंश पिछली बार यहां से लोजपा के राम किशोर सिंह से चुनाव हार गए थे.

सीवान

छठे चरण की आठ सीटों में नीतीश कुमार के लिए सबसे प्रतिष्ठा की सीट सीवान है, जहां से उन्होंने बाहुबली अजय सिंह की पत्नी कविता सिंह को मैदान में उतारा है. कविता सिंह का मुकाबला यहां बाहुबली मोहम्मद शाहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से है. हिना यहां से दो बार से चुनाव हारती रही हैं. पहले जदयू में रहे ओमप्रकाश यादव को जब नीतीश ने 2009 में यहां से टिकट नहीं दिया तो वे निर्दलीय चुनाव में उतर गए और हिना को हरा दिया. फिर 2014 में वे भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर लड़े और हिना को हराया. इस बार ओमप्रकाश यादव मैदान से बाहर हैं.

इस इलाके में यादव प्रभावी वोट बैंक हैं, जो स्थानीय समीकरण के कारण शाहाबुद्दीन खेमे के खिलाफ वोट देते रहे हैं. एनडीए के लिए दिक्कत यह है कि भाजपा की सीटिंग सीट से जदयू लड़ रहा है और उसने गैर यादव को उम्मीदवार बनाया है. कविता सिंह राजपूत वर्ग से आती हैं. ऐसे में जदयू या राजद उम्मीदवार की जीत-हार में इस बार यादव वोट किस ओर जाएंगे यही सबसे निर्णायक फैक्टर होने वाला है.

नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताने वाले शाहाबुद्दीन के कुनबे को यहां मैदान में चित करना अजय सिंह से अधिक नीतीश कुमार की निजी प्रतिष्ठा से जुड़ गया है. यह भी देखना होगा कि एनडीए को कहीं कोई भीतरघात का सामना नहीं करना पड़े

गोपालगंज

भाजपा की सीटिंग सीट गोपालगंज से जदयू के आलोक कुमार सुमन राजद के सुरेंद्र राम उर्फ महंत से मुकाबला कर रहे हैं. इस सीट पर पिछली बार जदयू के जनक राम 52.99 प्रतिशत वोट हासिल कर चुनाव जीते थे. इस निर्वाचन क्षेत्र में यादव, मुसलिम, ब्राह्मण, बनिया, कुर्मी, कुशवाहा एवं महदलित प्रभावी वोटर्स हैं. इन प्रभावी वोटर्स के समीकरण से ही जीत हार तय होगी.

वाल्मिकीनगर

वाल्मिकीनगर भी भाजपा की सीटिंग सीट है, जहां से जदयू के विद्यानाथ प्रसाद महतो कांग्रेस के शाश्वत केदार से मुकाबले में हैं. शाश्वत केदार पूर्व मुख्यमंत्री केदार पांडेय के पौत्र हैं. 2014 में भाजपा के सतीश चंद्र दुबे ने यहां कांग्रेस के पूर्णमासी राम को चुनाव हराया था.

खुद का टिकट कटने के बाद आरंभ में सतीश चंद्र दुबे ने असंतोष प्रकट किया और निर्दलीय भी मैदान में उतरने की तैयारी शुरू की, लेकिन प्रदेश भाजपा के प्रयास से और अमित शाह के साथ असंतुष्टों की बैठक कराए जाने के बाद मामला पटरी पर आ पाया. अब जदयू की जीत के लिए यह जरूरी है कि उसे भाजपा का वोट ट्रांसफर हो और सतीश चंद्र दुबे पूरा सहयोग करें.

पूर्वी चंपारण

पूर्वी चंपारण से एक बार फिर केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पांच बार सांसद रहे राधा मोहन सिंह मुकाबले में हैं. उन्होंने पिछली बार यहां से राजद के विनोद कुमार श्रीवास्तव को करीब दो लाख वोटों से हराया था. इस बार महागठबंधन में यहां से उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा चुनाव लड़ रही है. रालोसपा ने यहां से आकाश कुमार ंिसह को मैदान में उतारा है.

महाराजगंज

महाराजगंज में भाजपा के सीटिंग एमपी जनार्दन सिंह सिगरीवाल एक बार फिर मुकाबले में हैं. उनका मुकाबला बाहुबली राजद नेता प्रभुनाथ सिंह के बेटे रंधीर सिंह से है. प्रभुनाथ सिंह अभी जेल में बंद हैं. यह राजपूतों के प्रभाव वाली सीट है और दोनों हेवीवेट उम्मीदवार राजपूत हैं. यानी यहां मुकाबला बराबरी है.

शिवहर

शिवहर संसदीय सीट से भाजपा की सीटिंग एमपी रमा देवी राजद के सैयद फैसल अली से मुकाबला कर रही हैं. फैसल अली को लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव नापसंद करते हैं, जबकि पार्टी का काम संभाल रहे तेजस्वी यादव ने उन्हें यहां से मैदान में उतारा है. रमा देवी मजबूत उम्मीदवार हैं, वहीं राजद के अंदर उम्मीदवार पर ही दो फाड़ है. ऐसे में एनडीए की राह यहां एक बार फिर अधिक आसान लग रही है.

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