सोमावती अमावस्या के संयोग में वट सावित्री पूजा सोमवार को

0
10
photo source: social media

नई दिल्‍ली। इस बार सोमावती अमावस्‍या के संयोग के साथ वट सावित्री की पूजा सोमवार को होगी। इसकी पूजन विधि रविवार से ही शुरू हो चुकी है। अपने पति की लंबी आयु की कामना करने वाली महिलाओं ने आज स्‍नान ध्‍यान के बाद भोजन ग्रहण किया।

वट सावित्री का पूजन, परिक्रमा और कथा श्रवण सोमवार को होगा। सोमवार के दिन ही सोमावती आमवस्‍या का संयोग बन रहा है। जिसकी वजह से इस दिन की महत्‍ता और बढ़ जाती है। वट सावित्री के दिन सावित्री-सत्‍यवान की कथा का श्रवण होता है। नवविवाहिताएं सावित्री-सत्‍यवान की मूर्तियों को रखती है और वट वृक्ष के नीचे ब्रह्मा जी का पूजन करती है। फिर सावित्री-सत्‍यवान का पूजन कर वट वृक्ष की जड़ में जल का अर्पण करती हैं।

इस दौरान वट वृक्ष पूजन के दौरान तने पर कच्चा सूत लपेटकर 108 बार परिक्रमा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि महिलाओं को कम से कम सात बार परिक्रमा जरूर करनी चाहिए। सावित्री ने अपने पति सत्‍यवान को वापस पाने के लिए इस व्रत की शुरुआत की थी। व्रत के दौरान पूजा सामग्री में फल, लीची, पान, सुपाड़ी, जनेऊ, चना आदि का प्रयोग होता है। पूजन के बाद पत्नियां अपने पति को प्रणाम कर पंखा झेलती हैं।

बाबा केदारनाथ के पट श्रद्धालुओं के लिए छह महीने बाद खुले

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here