महाशिवरात्रि 2019: जानें व्रत का आहार

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photo source: newsstate.com

नई दिल्‍ली। इस बार महाशिवरात्रि का व्रत सोमवार, 4 मार्च को पड़ रहा है। ईशान संहिता के अनुसार इस दिन शिव भगवान करोड़ों प्रभाव वाले सूर्य के रूप में अवतरित हुए थे। इसे शिव आराधना का मुख्‍य त्‍यौहार भी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखते हैं। इसी दिन पार्वती शिव के साथ विवाह बंधन में बंधी थी। इस व्रत को कोई भी रख सकता हैं। कुंवारी कन्‍याएं अच्‍छे वर की चाह इस व्रत को रखती हैं। वहीं सुगागिनें भी अपने पति की दीर्घायु
और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए व्रत रखती हैं। महाशिवरात्रि के व्रत से व्‍यवसाय में वृद्धि और तरक्‍की प्राप्‍त होती है। इस व्रत से जहां आत्‍मा की शुद्धि होती है, वहीं नरक से भी मुक्ति प्राप्‍त होती है। ऐसा माना जाता है कि शिवरात्रि के दिन जहां-जहां शिवलिंग होता है वहां पर खुद भगवान शिव का आगमन होता है।

क्‍या करें
प्रातकाल उठ कर स्‍नान करना चाहिए।
स्‍नान के बाद दूध, जल, दही, पुष्‍प, बेलपत्र, धतूरा, बेर आदि से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।
व्रती को चारों पहर पूजा करनी चाहिए।
व्रती को शिवस्रोत और शिवस्‍तुति का पाठ करना चाहिए।
सायंकाल के समय शिवजी की आरती करें।

मान्‍यता है कि इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, धूप-दीप जलाकर मंत्र का जाप करने से जीवन की हर समस्‍या का समाधान हो जाता है।

आहार
व्रत के दौरान आप फलाहार कर सकते हैं। जिसमें खीरा, पपीता, सेब आदि शामिल हो सकता है। आप आलू का मीठा हलवा बनाकर या इस फ्राई करके भी खा सकते हैं। साबुदाने की खीर, पापड़, पकौड़े या खिचड़ी आदि बनाकर खाया जा सकता है।

व्रत समाप्ति के बाद सात्विक भोजन करना चाहिए। कोशिश होनी चाहिए कि भेाजन में नमक का प्रयोग न हो। जरूरी हो तो सेंधा नमक का प्रयोग किया जा सकता है। सिंघाड़े या कुट्टू के आटे की पूरियां, रोटी या पकौ‍ड़ी बना सकते हैं।

महाशिवरात्रि व्रत के अगले दिन खीर, तिल, जौ आदि का दान देकर इसका समापन किया जाता है, ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्‍त किया जा सके।

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